बुद्धि का उपयोग – प्रेरक शिक्षाप्रद लघु कथा

बुद्धि का उपयोग – प्रेरक शिक्षाप्रद लघु कथा

prerak laghu katha

एक गाँव में एक किसान रहता था। उसके तीन पुत्र थे। तीनों के तीनों अत्यन्त मेहनती और आज्ञापालक थे। वे दिन-रात लगाकर खेती में पिता जी का सहयोग करते थे। एक दिन पिता जी को न जाने क्या सूझी कि उन्होंने अपने तीनों पुत्रों को पास बुलाया और कहा-‘बच्चों! तुम सबकी मेहनत से मैं अत्यन्त प्रसन्न हूँ। यह लो हजार-हजार रुपये और जैसा चाहे इनका उपयोग करो।’

बच्चे मन-ही-मन बहुत प्रसन्न हुए। वे इन रुपयों क्या उपयोग करें, इसका विचार बनाने लगे।

बड़े पुत्र ने सोचा कि यह रुपये तो मेरे हैं, इन्हें मैं चाहे जिस तरह खर्च करूं। उसने सारे रुपये मौज-मस्ती और फालतू खाने-पीने में खर्च कर डाले।

दूसरा पुत्र थोड़ा सीधा था। उसने सोचा कि यदि यह रुपये मैं खर्च कर दूं तो पिताजी जिस दिन हिसाब मांगेंगे, उसके लिए हिसाब देना मुश्किल हो जाएगा। अतः उसने वह रुपये सम्भाल कर गुल्लक में रख दिए।

तीसरे पुत्र ने विचार किया कि यदि पिताजी ने हिसाब ही मांगना था तो हमें रुपये देते ही क्यों। वह उन रुपयों से व्यापार करने लगा। उसने पिता जी के दिये हुए धन को कई गुना तक बढ़ा दिया।

इसी तरह इस संसार में तीन तरह के व्यक्ति हैं। जब हमारा जन्म होता है तो भगवान हमें मस्तिष्क के रूप में एक अमूल्य सम्पत्ति इस्तेमाल करने के लिए देते हैं। कुछ लोग पहले पुत्र की तरह इस अमूल्य सम्पत्ति को भोग-वासना, छलकपट, लड़ाई-झगड़े आदि में इस्तेमाल कर नष्ट कर देते हैं। भगवान ने यदि मनुष्य शरीर को केवल भोग-विलास के लिए ही बनाया होता तो वे इसमें बुद्धि डालते ही नहीं क्योंकि पशु बिना बुद्धि वाले होने पर भी विषय भोग तो भोगते ही हैं, वह भी मनुष्य की अपेक्षा अधिक अच्छी तरह से।

जिस बुद्धि के द्वारा व्यक्ति श्रेष्ठ कार्य कर सकता है उसी बुद्धि का विपरीत उपयोग करके वैज्ञानिकों ने परमाणु बम का निर्माण किया और असंख्य निरीह मनुष्यों की हत्या कर डाली। वे इस बात का गर्व करते हैं कि ऐसे बमों से हम सारी पृथ्वी का नाश कर सकते हैं। अब बताइये, क्या ऐसे मनुष्यों को मानव कहा जा सकता है?

दूसरे पुत्र की तरह अधिकतर व्यक्ति इस अमूल्य सम्पत्ति का कोई उपयोग ही नहीं करते। वे पैदा होते हैं और जानवरों की तरह समय काट कर समाप्त हो जाते हैं।

संसार में कुछ महापुरुष ऐसे भी हैं, जो ईश्वर द्वारा प्रदान की गई मस्तिष्क की असीमित शक्तियों को जगाकर उनका सदुपयोग करते हैं और अपना नाम इतिहास के पन्नों में सदा-सदा के लिए दर्ज करा देते हैं।

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