जीवन में आगे बढ़ना है तो माफ करना सीखें

जीवन में आगे बढ़ना है तो माफ करना सीखें

forgive

यदि आप बहादुर देखना चाहते हैं तो उनको देखें जो माफ कर सकते हैं यदि आप वीर को देखना चाहते हैं, तो उनको को देखें जो नफरत के बदले प्यार कर सकते हैं। -भगवत गीता

महात्मा गांधी भगवत गीता की शिक्षा से बहुत प्रभावित थे। ताकत का प्रतीक – शारीरिक नहीं मानसिक होता है – गांधी जी ने कभी अपने विरोधियों के खिलाफ कोई हिंसा नही की। उन्हें दृढ़ विश्वास था कि माफ करने के लिए हिम्मत चाहिए कमजोर कभी किसी को माफ नहीं कर सकते हैं और यह तो बहादुरों का गुण है

आइए हम अब समझें कि उस माफी का मतलब क्या है जो किसी को उसके अतीत की बुरी यादों से मुक्त कर सके जिससे कि वह व्यक्ति जीवन में आगे बढ़ सके।

क्या आप अतीत के कैदी हैं?

  • क्या आपको लगता है कि आप आगे बढ़ने में सक्षम नहीं हैं क्योंकि आप पिछली शत्रुता और आलोचनाओं से छुटकारा नहीं पा रहे हैं?
  • क्या आपके मन में कड़वाहट है क्योंकि किसी के द्वारा आपके साथ गलत किया गया है?

चिन्ता न करें, आप अकेले नहीं हैं। हम सभी के मन में किसी के व्यवहार या शब्दों से कभी-न-कभी गहरी ठेस पहुंची होगी।

माफ कर दो और देखें आपके मन का बोझ कितना हल्का होता है।

जिसने आपका दिल दुखाया उसे माफ कर दो। उसकी गलतियों की सजा भगवान खुद देगा। उससे नाराज रहकर आप अपने आपको पीड़ा ही दे रहे हैं। माफ कर देना सजा देने से बड़ी बात है। सजा से जहाँ रिश्तों में खटास आती है, वहीं माफी से बिगड़े रिश्ते बनते है।

मेरा एक मित्र है जिसने अपनी बचपन बात मुझे बताई थी कि किस तरह उसकी कक्षा 10 की क्लास टीचर ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया था। कक्षा में अन्य बच्चों की किताबें गुम होने पर सीधा उसका नाम लगा दिया जाता था। वह बताता था कि किस तरह मेडम उसे घृणात्मक रूप से अनावश्यक कक्षा में टोकती रहती थी और किस तरह उसका वह समय आज भी जीवन का एक दुःखस्वप्न सा लगता है। हाँ, उसने उस कक्षा अध्यापक को माफ कर दिया है लेकिन उस समय की याद करते ही उसके मन में भय की थिरकन सी दौड़ जाती है। उस भयानक घटना ने मित्र को पूरी तरह बदल दिया था, जिसकी वजह से वह पहले की तरह नहीं रहा था। पर उसे पता था कि बदलावा कैसे आये। वह चाहता तो समान नफरत और क्रोध से अपराधियों की तरह बन सकता था पर उसने बेहतर रियेक्ट किया और आज अत्यन्त सफल लोगों में शामिल है और समय के साथ कदमताल करता हुआ चल रहा है।

उस शराबी ड्राईवर के बारे में क्या कहा जाए जो सड़क के किनारे चलते किसी को रौंद कर भाग जाता है। आज वह अपने पूरे परिवार के साथ होगा लेकिन उस मृत व्यक्ति के परिवार का क्या हुआ होगा। क्या वह माफी योग्य है? और उसे क्यों माफ किया जाए?

आप माफ कर दें पर भूलें कदापि नहीं

माफ करना और भूल जाने के बीच एक तरह का लोचा है। मेरा मतलब है, माफी एक चीज है, लेकिन कुछ चीजों को भूलना आपकी बेवकूफी हो सकती है। दोस्तों के बीच उन छोटी गलतफहमी के लिए ‘क्षमा और भूल’ चलता है, लेकिन कभी भी जानबूझ कर किये गये बड़े अहित के लिए भूलना क्या सही है? क्षमा का मतलब भूलना कदापि नहीं होता।

देखिए माफी उस व्यक्ति के लिए बिल्कुल नहीं होती जिसने आपको चोट पहुंचाई है। यह आपके लिए है। घृणा आपके अंदर उस व्यक्ति की बुरी आदतों को खींच लेती है। इस तरह आपके भीतर धीरे-धीरे नकारात्मक बदलाव आता है, जैसे कि आप कभी नहीं बनना चाहते होंगे। आप क्षमा करके अपने दर्द को कम कर सकते हैं और एक मजबूत व्यक्ति बनने में आपकी राह आसान हो जाती है।

क्षमा आपको कष्ट देने वाले व्यक्ति पर निर्भर नहीं करती, यह आपके और ईश्वर के बीच का मामला है। माफ कर देने भर से आपको मन-ही-मन असीम शान्ति का अनुभव होगा भले ही आपका विरोधी आपको दिए गए दर्द की कल्पना करके आनन्द का अनुभव कर रहा हो।

कुछ लोग माफ करने योग्य होते ही नहीं हैं !

कुछ लोग आपसे नफरत पालते हैं और आपको बार-बार दुख और धोखा देते हैं। उन्हें आपको चोट पहुंचाने में कोई खेद नहीं होता वरन खुशी ही मिलती होगी। उन्हें आपसे माफी की कोई इच्छा ही नहीं है, और, स्पष्ट रूप से, वे इसके लायक भी नहीं होते।

आप सोचते हैं कि चलो छोड़ो जाने दो, लेकिन जैसे ही आपको लगता है कि सब सामान्य हो गया है, फिर से आप पर प्रहार होता है। अब जब वह व्यक्ति माफी योग्य ही नहीं है तो फिर आप उसकी क्यों परवाह करते हैं?

तो ऐसे व्यक्ति को कोई कैसे माफ कर सकता है? 

यह कहना तो आसान है, करना बहुत ही मुश्किल। हम मिले हुए दर्द को कैसे खत्म कर सकते हैं? जब वह व्यक्ति और अधिक गहराई से हमें बार-बार चोट पहुँचाता है, तो हम कैसे क्षमा कर सकते हैं?

यह अजीब परन्तु सच बात है कि जब आप किसी ऐसे व्यक्ति के विषय में सोचते हैं जिसे कि आपने माफ कर दिया है, बहुत सारी नाकारात्मक भावना कम हो जाती हैं। बेशक, आप यह नहीं भूल पाते हैं कि आपके साथ क्या हुआ था। जो कुछ भी हुआ उसे बदला तो नहीं जा सकता, वह खत्म होने वाला भी नहीं है। इसलिए यह आवश्यक है कि दूसरे के बुरे कर्म को याद करके दुःखी होने और बदले की तलाश में रहने के बजाय उसे दिल से माफ कर दें, सावधान रहें और जीवन क्षेत्र में आगे बढते चले जाएं।

Also Read : उम्मीद न छोड़ें! सफलता अवश्य मिलेगी।


आपको यह लिस्ट जीवन में आगे बढ़ना है तो माफ करना सीखें  Learn forgive to move forward in life कैसा लगी, कृप्या कमेंट बाक्स पर साझा करें।

Random Posts

3 thoughts on “जीवन में आगे बढ़ना है तो माफ करना सीखें

  1. Nice And Very useful info,
    This article important and really good the for me is.Keep it up and thanks to the writer.Amazing write-up,Great article. Thanks!
    used to really good
    your info is quite helpful to forever.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*