सुनहरे बालों वाली लड़की – प्यार का प्रदर्शन

सुनहरे बालों वाली लड़की – प्यार का प्रदर्शन

pyar ka pradasan

एक काॅलेज में एक लड़का पढ़ता था। संगीत के प्रति उसकी दीवानगी थी। पैसे के अभाव में वह अपनी पसंद का एक गिटार नहीं खरीद पा रहा था। उसका सपना था कि जब वह पढ़-लिखकर अच्छी नौकरी प्राप्त करेगा तो एक दिन वही गिटार जरूर खरीदेगा।

उसी काॅलेज में एक अतिसुंदर लड़की ने प्रवेश लिया और संयोगवश दोनों की एक ही क्लास थी। सारी क्लास के नवयुवकों की तो वह दिलो की धड़कन थी। लेकिन वह केवल उसी लड़के को देखा करती थी जो हमेशा संगीत में खोया रहता था। उस लड़की की सुंदरता की विशेषता उसके लम्बे और सुनहरे बाल थे। समय बीतता गया तो इन दोनों की घनिष्ठता बढ़ी और कब वह प्यार में बदल गयी इसका तो उन्हें पता ही नहीं चला।

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एक दिन वह लड़की अपने बालो को कंघी कर रही थी तो अचानक उसकी नज़र अपने दोस्त पर पड़ी जो उसके बालों को एकटक निहार रहा था।

लड़की ने पूछा-‘तुम इस तरह मेरे बालों को क्यों देख रहे हो।’

लड़के ने कहा-‘तुम्हारे बाल इतने सुंदर और सुनहरे है कि इस पर से तो नज़र ही नहीं हट रही।’

उसने लड़की से वादा लिया कि वो हमेशा अपने बालों को ऐसे ही सुंदर और लंबे बनाये रखे। लड़की ने उसकी बात पर हामी भर दी और कहा कि वह हमेशा उसकी पसंद का ख्याल रखेगी। बात आई-गई हो गयी।

एक दिन दोनों बाजार मे घूम रहे थे। लड़का एक दुकान के पास ठिठक कर रूक गया। उसकी नज़र हमेशा की तरह अपनी पंसद के उसी गिटार पर अटक गयी। लेकिन क्या करता, हमेशा की तरह ठंडी सांस लेकर आगे बढ़ने लगा।

लड़की उसके चेहरे में अचानक आयी उदासी देखकर पूछ बैठी-

‘तुम उदास क्यों हो गये हो।’

लड़के ने जवाब दिया-‘मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी कामना इस गिटार को खरीदना है।’

समय पंख लगाकर उड़ता चला जा रहा था। देखते-देखते काॅलेज की पढ़ाई खत्म हो गयी। लड़का अपनी मेहनत और लगन से एक छोटी सी नौकरी पाने में सफल हो गया और नौकरी लगते ही सबसे पहले अपनी दोस्त को यह खुशखबरी सुनाई और उसके सामने विवाह का प्रस्ताव रखा। लड़की भी खुशी-खुशी मान गई और दोनों ने शादी कर ली।

शादी के बाद उनका निश्चल प्रेम नयी ऊँचाईयों को छूने लगा। दोनों हमेशा ही एक-दूसरे की इच्छाओं का पूरा ख्याल रखने लगे। परन्तु पैसे की तंगी इनके प्यार पर भारी पड़ने लगी। अतः लड़की ने भी कोई छोटी-मोटी नौकरी करने की इच्छा जाहिर की। ना चाहते हुए भी पति ने हामी भर दी।

कुछ समय बाद उस लड़की को एक ब्यूटी पार्लर में काम करने का अवसर मिल गया। कुछ आमदनी होने पर उसे अपने पति की गिटर खरीदने वाली इच्छा का ध्यान आया तो उसने निश्चय कर लिया वह उस गिटार को पति के लिए अवश्य खरीदेगी। जब उसे गिटार का भाव पता चला तो उसका तो दिल टूट गया क्योंकि उस गिटार की कीमत ही उसकी कमाई के तीन वर्षों के बराबर थी। वह मायूस हो गयी और अपने काम में जुट गयी।

संयोग से दोनो पति-पत्नी का जन्मदिन एक ही महीने में आता था। उसके पति की दिली ख्याहिश थी कि उसकी पत्नी के सुन्दर-सुनहरे बालों के लिए वह शादी की पहली वर्षगांठ पर एक सोने की कंघी उपहार देगा। उधर पत्नी भी इसी उधेड़बुन में थी कि गिटार के लिए कम पड़ रहे पैसों का इंतजाम कैसे किया जाए।

समय बीत रहा था और आखिर वह तारीख भी आ ही गया जब वह अपनी पत्नी को सोने की कंघी उपहार देकर चौंकाना चाहता था तथा अचानक मिलने वाली खुशी का एहसास देना था।

वह जल्दी-जल्दी घर पहुंचता है। देखता है कि पत्नी सिर पर पल्लू किये हुए और हाथ में एक बड़ा सा उपहार लिये खड़ी थी। वह चौंका और सकुचाते हुए उपहार खोला तो उसकी आंखे खुली की खुली रह गयी।

अरे! ये तो वही महंगा वाला गिटार है जिसका वह हमेशा सपना देखा करता था। उसने पत्नी को गले लगा लिया।

अब चौंकने की बारी पत्नी की थी। पति से अपने बैग से बैग से एक उपहार निकाला जो कि एक सुन्दर से बाक्स में बंद था। उसके आगे बढ़कर अपनी पत्नी को अपने दिल की बात बताते हुए कहा कि मैं जब भी तुम्हारे सुन्दर-रेशमी बाल देखता था तो मेरे मन में एक ख्याल आता था कि एक दिन इन बालों के लिए मैं सोने की कंघी लाऊँगा और आज वो दिन आ गया है। मेरे पास आओ और इस सोने की कंघी से अपने बाल संवारों।

उसके दो-तीन बार कहने के बाद भी जब उसकी पत्नी आगे नहीं बढ़ी तो उसे बहुत आश्चर्य हुआ कि आखिर वह अपना उपहार लेने के लिए क्यों इच्छुक नहीं है। यहां तो उल्टे पत्नी की आंखों अश्रुधारा बह रही थी।

‘अपनेे सिर से पल्लु हटाओ और इस कंघी से उन सुनहरी बालों को संवारो’-पति ने कहा।

उसने खुद ही उसके सिर से पल्लू हटा लिया। उस पर तो जैसे बिजली सी गिर पड़ी। जिन सुंदर, सुनहरे बालों के लिए वह सोने की कंघी लाया था वह तो उसके सिर पर थे ही नहीं।

पूछने पर पता चला कि पत्नी के पार्लर में एक बहुत धनवान औरत आती थी जिसे उसके सुनहरे और लम्बे बाल बहुत पसंद थे। उसने उन बालों को खरीदने का प्रस्ताव रखा जिसके बदले में उसे एक अच्छी रकम मिलने वाली थी। उसने औरत का प्रस्ताव सिर्फ इसलिए मान लिया कि उससे मिलने वाली रकम से वह पति की बचपन की इच्छा वाला गिटार खरीद सके। पति को वो खुशी देना चाहती थी जिसका उसे वर्षों से इंतजार था।

इतना कहना था कि पति फूट-फूट कर रो पड़ा और बोला कि जिन सुनहरे और सुंदर बालों के लिए वह सोने की कंघी लाया था उसकी पत्नी ने केवल उसकी खुशी के लिए एक पल में ही कटवा दिये।

अतः मित्रों प्यार की परिभाषा को कोई भी शब्दों के जाल में नहीं बांध सकता क्योंकि किसी के लिए प्यार कुछ पाना है तो किसी के लिए प्यार कुछ देना है। कुछ प्यार को महसूस करते हैं तो कोई प्यार को प्रदर्शन की वस्तु मानते हैं जबकि प्यार किसी से कुछ पाने का नाम नहीं अपितु किसी के लिए कुछ त्याग करने का नाम है।

प्रेषक: हरीश शर्मा, दिल्ली
Email : hs1964india@gmail.com

यह हिंदी कहानी भी पढ़ें: प्यार की डोर


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