सफलता कैसे! Five Motivational Story in Hindi

सफलता कैसे! Five Motivational Story in Hindi 

safalta kaise

बचपन से हमारी रुचि कहानी किस्सों में होती है। जीवन की विभिन्न अवस्थाओं में अलग अलग तरह के साहित्य में हमारी रुचि बनी ही रहती है। आयु के साथ साथ रुचि भी बदलती जाती है। हमारे दृष्टिकोण पर भी असर होता है। पढ़ने के साथ-साथ विचारों की श्रृंखला भी मस्तिष्क में चलती रहती है और हम उस पर मनन भी करते रहते हैं।

आज का नवयुवक आँखों में सपने संजोता है जब पूरे नहीं होते देखता है तब भीतर से टूटने लगता है। इस संदर्भ में थामस एडीसन ने कहा है कि यदि जीवन में सफलता पाना चाहते हो तो धैर्य को अपना घनिष्ठ मित्र, अनुभव को अपना बुद्विमान परामर्शदाता, सावधानी को अपना बड़ा भाई बना लो और आशा को अपना संरक्षक प्रतिभा। राबर्ट ब्राउनिंग ने लिखा है “क्षणभर की सफलता बरसों की असफलता को पूरा कर देती है।”

अगर हम सफल और असफल होने वाले लोगों के जीवन का विश्लेषण करें तो पायेंगे कि भाग्य सिर्फ एक सीमा तक ही सफलता के लिए जिम्मेदार होता है। सफलता में ज्यादा योगदान दृृष्किोण, काबिलियत और मेहनत का होता है जो कि निम्न दी गई पांच मोटिवेशनल कहानियों (five motivational story) से समझा जा सकता है।

Motivational Story in Hindi – 1

ईश्वरचंद्र विद्यासागर इंग्लैंड गए हुए थे। उन्हें एक सभा में अध्यक्षता करनी थी। वहाँ पहुँच कर उन्होंने देखा कि आयोजक बाहर खड़े सफाई कर्मचारियों का इंतजार कर रहे थे। सभा भवन की सफाई नहीं हुई थी। विद्यासागर ने झट, पास रखा झाडू उठाया और सफाई करनी शुरू कर दी। उनके देखेदेखी आयोजक भी सफाई में जुट गये और भवन साफ हो गया। अपने अध्यक्षीय भाषण में विद्यासागर ने कहा कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता है। छोटा या बड़ा होता है मन। यदि आपके मन में उच्च विचार हैं तो आपको किसी भी तरह का कार्य करने में संकोच नहीं होगा। हर इंसान को स्वावलम्बी होना चाहिए। हम किसी पर निर्भर रहें, यह उचित नहीं है। हमें आत्मनिर्भर बनना चाहिए। आत्मनिर्भर की भावना से ही आपका और साथ ही साथ देश का सही मायने में विकास हो सकता है।

Motivational Story in Hindi – 2

मालव राज्य की राजकुमारी विद्योत्तमा अत्यंत बुद्विमान और रूपवती थी। राजकुमारी ने प्रण किया हुआ था कि वह एक ज्ञानी पुरूष से विवाह करेगी जो शास्त्रार्थ में, उसे पराजित कर देगा। कई विद्यमान पंडितों ने प्रयास किए परन्तु वे विद्योत्तमा को हरा नहीं पाए और उससे बदला लेने की सोची। उन्होंने एक जड़मुर्ख को जंगल में देखा, जो जिस डाल पर खड़ा था उसी को काट रहा था। पंडितों ने उसको मौन रहने को कहा और उसे इशारों से संकेत करते रहने को कहा। शास्त्रार्थ में किसी तरह राजकुमारी को हरवा दिया और उस जड़मूर्ख की शादी राजकुमारी से हो गई। कुछ दिनों बाद, राजकुमारी को इसका एहसास हुआ तो उसने कालीदास को प्रताड़ित एवं अपमानित करते हुए घर से बाहर निकाल दिया। ऐसी बदली हुई परिस्थितियों में महाकवि कालीदास के पुराने संस्कार जीवित हो गए। और उन्होंने यह ठान लिया कि कुछ करके ही दिखायेंगे। इस प्रकार महाकवि कालीदास ने अपनी रचनाओं से पूरे संसार में अपनी एक विशेष पहचान बनाई। अतः परिस्थितियों के कारण भी कोई छुपी काबीलियत उदय हो जाने से जीवन परिवर्तित हो जाता है इसलिए विकट से विकट परिस्थित (hard condition) से भी घबराना नहीं चाहिए, हो सकता है वह आपके भाग्य-उदय के लिए ही हो।

Motivational Story in Hindi – 3

अवदूत दत्तात्रेय हर किसी से शिक्षा ग्रहण करने के लिए लालायित रहते थे। उनके विचारों के अनुसार हर प्राणि हमें जीवन में जीने की कुछ न कुछ शिक्षा देता है। एक दिन उन्होंने देखा कि एक पक्षी आगे-आगे उड़ता जा रहा है। उसके मुंह में एक रोटी का टुकड़ा था। कई पक्षी उसके पीछे लगे थे और उसे चोंच मार रहे थे। उस पक्षी ने अचानक रोटी का टुकड़ा नीचे गिरा दिया। टुकड़ा छोड़ते ही झुंड के एक पक्षी ने उसे लपक लिया। अब अन्य पक्षी उस पक्षी पर चोंच से वार करने लगे, जिसके पास वह टुकड़ा आ गया था। दत्तात्रेय उस पक्षी के पास जाकर बोले, ”पक्षीराज, मैंने तुम्हारी स्थिति देखकर, यह शिक्षा ली है कि संसार में जिस वस्तु के लिए बहुत से लोग अधिकार जताते हैं, उसे छोड़ देने में ही समझदारी है, वरना जान के भी लाले पड़ सकते हैं।

Motivational Story in Hindi – 4

एक सेठ ने तीर्थयात्रा पर जाते समय अपने तीनों पुत्रों को गेंदे के बीजों की बोरियाँ सुरक्षित रखने को दी। वापिस आने पर, सेठ ने पाया कि पहले पुत्र ने बीजों को तिजोरी में रखा, तिजोरी खोलने पर पाया कि बीज सड़ गए और काले पड़ गये तथा उनमें से बदबू भी आ रही है। दूसरे पुत्र ने बीजों पर नित्य छिड़काव एवं धूप-बत्ती आदि की जिससे सुरक्षित रहें। बोरी खोलने पर पाया कि बीज गीले थे एवं उनमें बदबू आ रही थी। सेठ को बहुत दुःख हुआ। तीसरा पुत्र सेठ को घर के पिछवाड़े ले गया जहाँ से ठंडी हवा एवं सुगंध आ रही थी। सेठ ने देखा बगिया में अनगिनत गेंदे के फूल खिले हुए हैं। अब उनसे कई बोरियाँ बीजों की भरी जा सकती हैं। सेठ ने कहा मेरा उद्देश्य पूरा हुआ। ज्ञान भी इन बीजों की तरह है जो समेटने से नष्ट हो जाता है और बांटने से प्रतिदिन बढ़ता है। अतः आप भी अपनी जानकारी और ज्ञान छुपा कर न रखें उसे बाटें ।

Motivational Story in Hindi – 5

राजा भानुप्रताप के विशाल महल में एक सुन्दर बगीचा था, जिसमें अंगूर की एक बेल लगी थी। वहाँ रोज एक चिड़िया आती और अंगूर चुनकर खा जाती मगर अधपके और खट्टे अंगूरों को नीचे गिरा देती। जब चिड़िया आयी तो राजा ने उसे पकड़ लिया। चिड़िया राजा के सामने गिड़गिड़ाने लगी कि मुझे मारो मत, मैं आपको चार ज्ञान की महत्वपूर्ण बातें बताऊंगी। पहली, सबसे पहले हाथ में आए शत्रु को छोड़ो मत। दूसरी बात असम्भव बात पर भूल कर भी विश्वास मत करो। तीसरी बात, बीती बातों पर कभी पश्चाताप मत करो। चिड़िया ने कहा मुझे ढीला छोड़ दो, दम घुट रहा है। जैसे ही राजा ने ढीला छोड़ा चिड़िया उड़कर एक डाल में बैठ गयी और बोली मेरे पेट में दो हीरे हैं। राजा पश्चाताप मे डूब गया।

चिड़िया बोली- हे राजन, अब चोथी ज्ञान की बात भी सुन लो। सुनने और पढ़ने से कुछ लाभ नहीं होता है, उस पर अमल करने से होता है। आपने मेरी बात नहीं मानी। मैं आपकी शत्रु थी, फिर भी आपने पकड़कर मुझे छोड़ दिया। मैंने असम्भव बात कही कि मेरे पेट में हीरे हैं फिर भी आपने उस पर भरोसा कर लिया। आपके हाथ में वे काल्पनिक हीरे नहीं आए तो आप पछताने लगे। अतः जीवन में उपदेशों को उतारे बगैर उनका कोई मोल नहीं होता है।

कदमताल पर प्रकाशित कहानियों की सूची


आपको यह article सफलता कैसे! Motivational Story in Hindi कैसी लगी, कृप्या कमेंट बाक्स पर साझा करें।

Random Posts

  • hone ko koi nahi taal sakta होनी को कोई नहीं टाल सकता | Real-life incidence

    होनी को कोई नहीं टाल सकता | Real-life incidence काफी पुरानी  बात है। अप्रैल 89 का समय था , मैं अपने मित्र से मिलने रतलाम गया था। उनके यहाँ उस […]

  • kadamtaal डर (Fear)

    Essay on डर (Fear) in Hindi डर (fear) एक ऐसी प्रक्रिया है जो कि मनुष्य के मस्तिष्क में बचपन से हावी रहती है। बचपन में शिशुकाल से ही, किसी आहट […]

  • chanakya दीपक का तेल | Chanakya story

    दीपक का तेल | Chanakya Story in Hindi मित्रों  चाणक्य (Chanakya) के काल में भारत में घरों में ताला नहीं लगाया जाता था। उसी समय चीनी ह्नेनसाँग ने भारत की […]

  • pyar ka pradasan सुनहरे बालों वाली लड़की – प्यार का प्रदर्शन

    सुनहरे बालों वाली लड़की – प्यार का प्रदर्शन एक काॅलेज में एक लड़का पढ़ता था। संगीत के प्रति उसकी दीवानगी थी। पैसे के अभाव में वह अपनी पसंद का एक […]

37 thoughts on “सफलता कैसे! Five Motivational Story in Hindi

    1. Thanks बबीता जी,
      हम यदि किसी विचार को अपने मन में नही उतारेंगे तो उसका कोई लाभ ही नहीं होता।

  1. बहुत बढ़िया स्टोरी थी आपकी खास करके आपने जो उसने मोटिवेशन के लिए जो स्टोरी लिखी है मुझे बहुत पसंद आई

  2. Thanks for sharing informative article. A very interesting topic that I’ve been looking into, I think this is one of the most significant information for me. Thank for sharing!

  3. जो कहानियां आपके द्वारा शेयर की जाती है वो बहुत ही अच्छी है। मैं सप्ताह में एक बार इन्हें जरूर पड़ता हूँ। मुझे ये प्रेरणा देती है। ऐसे ही लिखते रहिये। धन्यवाद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*