गौभक्त राजा दिलीप

गौभक्त राजा दिलीप Gau Bhakt Raja Dalip in Hindi

प्राचीन हिन्दी कहानी है, अयोध्या के राजा दिलीप बड़े त्यागी, धर्मात्मा, प्रजा का ध्यान रखने वाले थे। उनके राज्य में प्रजा संतुष्ट और सुखी थी। राजा को प्रौढावस्था तक भी कोई संतान नहीं हुई। अतः एक दिन वे रानी सुदक्षिणा सहित गुरु वसिष्ठ के आश्रम में पहुंचे और उनसे निवेदन किया कि-भगवन्! आप कोई उपाय बतायें, जिससे मुझे कोई संतान हो।

गुरु वसिष्ठ ने ध्यानस्थ होकर कुछ देखा। फिर वे बोले-राजन्। यदि आप मेंरे आश्रम में स्थित कामधेनु की पुत्री नन्दिनी गौ की सेवा करें तो उसके प्रसाद से आपको संतान अवश्य प्राप्त होगी।

cow and lion

राजा ने अपने सेवकों को अयोध्या वापस भेज दिया और स्वयं रानी सुदक्षिणा सहित महर्षि के तपोवन में गो-सेवा करने लगे। प्रतिदिन वे और सुदक्षिणा गाय की पूजा करते। राजा गाय को चरने के लिए स्वछन्द छोड़ देते थे। वह जिधर जाना चाहती, उधर उसके पीछे-पीछे छाया की तरह रहते। उसके जल पीने के पश्चात ही राजा जल पीते थे। उसे स्वादिष्ट घास खिलाते, नहलाते-धुलाते और उसकी समर्पित भाव से सेवा करते। संध्या के समय आश्रम में रानी द्वार पर खड़ी उनकी प्रतिक्षा करती रहती थी। आते ही गौ को तिलक करती, गोदोहन के पश्चात राजा-रानी गाय की सेवा करते, स्थान की सफाई करते, उसके सो जाने पर सोते और प्रातः उसके जागने से पूर्व उठ जाते थे।

इक्कीस दिन निरन्तर छाया की भांति गो-सेवा हो चुकी थी। बाईसवें दिन जब राजा गौ चरा रहे थे तब कहीं से आकर अचानक एक शेर गाय पर टूट पड़ा। तुरंत राजा ने धनुष-बाण चढ़ाकर सिंह को खदेड़ने का प्रयास किया। पर आश्चर्य! उनके हाथ की अँगुलियाँ बाण पर चिपग गये। वे जड़वत देखते ही रह गये। उनके आश्चर्य की कोई सीमा न रही जब सिंह मनुष्य की वाणी मे राजा को चकित करते हुए बोला-राजन्। तुम्हारा बाण मुझ पर नहीं चल सकता है। मैं भगवान शंकर का सेवक कुम्भोदर हूँ। इन वृक्षों की सेवा के लिए भगवान शिव ने मुझे यहां नियुक्त किया है और कहा है कि जो भी जीव आयेगा वहीं तुम्हारा आहार होगा। आज मुझे यह गाय आहार मिली है, अतः तुम लौट जाओ।

राजा ने कहा-‘सिंहराज! जैसे शंकर जी के प्रिय इस वृक्ष की रक्षा करना आपका कर्तव्य है, उसी प्रकार गुरुदेव की गौ की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। आपको आहार चाहिए, उसके लिए मैं गौ के स्थान पर अपना शरीर समर्पित करता हूँ। आप मुझे खाकर क्षुधा शान्त करें। गौ को छोड़ दें। इसका छोटा बछड़ा इसकी प्रतीक्षा कर रहा होगा।’

सिंह ने राजा को बहुत समझाया, पर राजा ने एक न सुनी। वे अस्त्र-शस्त्र त्याग कर सिंह के समक्ष आंखे बन्द करके बैठ गये।

राजा मृत्यु की प्रतिक्षा कर रहे थे, पर उन्हें नन्दिनी की अमृतवाणी सुनाई दी-

‘वत्स! उठो, तुम्हारी परीक्षा हो चुकी है। मैं तुम पर प्रसन्न हूँ, वरदान मांगो’।

राजा ने आंखे खोली तो सामने गौ माता को खड़ी देखा, सिंह का कोई अता-पता नहीं था। राजा ने वंश चलाने के लिए पुत्र की याचना की।

गौ ने कहा-‘मेरा दूध दोने में दुह कर पी लो। तुम्हें पुत्ररत्न की प्राप्ति होगी।’

राजा ने कहा-‘माता! आपके दूख का प्रथम अधिकार आपके बछड़े को है। उसके पश्चात गुरुदेव का, उसे पूर्व व बिना गुरुदेव की आज्ञा से मैं दुग्ध-पान नहीं कर सकता। आप क्षमा करें।’

गौमाता प्रसन्न होकर बोली-‘एवमस्तु!’

सांयकाल आश्रम में लौटकर राजा ने गुरुदेव को सारी घटना बतायी। गुरुदेव ने गोदोहन के पश्चात अपने हाथों से राजा और रानी को आशीर्वाद के साथ दूध पीने को दिया।

गौसेवा एवं दुग्धपान के पश्चात राजा और रानी राजमहल लौट आये। रानी गर्भवती हुई। उनके पुत्र रघु का जन्म हुआ। इन्हीं रघु के नाम पर आगे चल कर सूर्यवंश ‘रघुवंश’ कहा जाने लगा।

पूरी लिस्ट: पौराणिक कहानियाँ – Mythological stories in Hindi


आपको यह प्राचीन हिन्दी कहानी Mythological Story गौभक्त राजा दिलीप Gau Bhatk Raja Dalip in Hindi कैसी लगी, कृप्या कमेंट बाक्स पर साझा करें।

आपके पास यदि Hindi में कोई article, story, essay, poem है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ kadamtaal@gmail.com पर E-mail करें. हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ प्रकाशित करेंगे|

Random Posts

  • संस्कार

    संस्कार Our Traditional Ethics in Hindi हमारे जीवन में हजारों पुराने व नये संस्कार (Traditional Ethics) होते हैं। जो बनते और समाप्त होते हैं। हर व्यक्ति के अपने-अपने संस्कार होते हैं। […]

  • यात्रा यात्रा (Tour)

    Essay on यात्रा (Tour and Travelling) in Hindi यात्रा (Tour and travelling) विषय पर चोैकिए मत, मैने तो ऐसे ही बात छेड़ दी। मुझे लगा आप लोग सफर की तैयारी […]

  • sudha chandran सुधा चन्द्रन – यह मेरे सपने हैं

    सुधा चन्द्रन – यह मेरे सपने हैं Inspirational Story of Sudha Chandran (Classical Dancer and Actor) who win the race of success without a leg in Hindi बहुत कम ऐसे लोग […]

  • rabia basri in hindi रबिया बसरी: मुस्लिम महिलाओं की रोल माॅडल

    रबिया बसरी: मुस्लिम महिलाओं की रोल माॅडल Rabia Basri : A Role Model For Muslim Women in Hindi रबिया अधिकतर मुस्लिम महिलाओं के लिए एक रोल माॅडल हैं। वह दुनिया […]

One thought on “गौभक्त राजा दिलीप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*