औषधि के रूप में दूध का महत्व

औषधि के रूप में दूध का महत्व Importance of Milk as a Medicine in Hindi

milk medicine

भारतवर्ष में गाय के दूध को औषधीय गुण (Medicine) आति प्राचीनकाल से जाना जाता है। चिकित्सकीय दृृष्टिकोण से दूध बहुत महत्वपूर्ण है। यह शरीर के लिये उच्च श्रेणी का खाद्य आहार है।

दूध प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट्स, खनिज, वसा, इन्जाइम तथा आयरन से युक्त होता
है। दूध में प्रोटीन और कैलशियम तत्वों की अधिकता होने से यह दूधिया होता है। मानव-जाति के लिये यह सम्पूर्ण भोजन माना जाता है। दूध (Milk) को बार-बार नहीं उबालना चाजिए, ऐसा करने से उसमें मौजूद पोषिक तत्वों में कमी आ जाता है।

एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए दूध (Milk) जितना उपयोगी है उससे अधिक रोगी के लिए तथा उससे भी अधिक छोटे बच्चों और वृद्धों के लिए लाभकारी है। उचित मात्रा में पिया गया दूध जल्दी पच जाता है तथा शक्ति और स्वास्थ्य प्रदान करता है। जो व्यक्ति बचपन से वृद्धावस्था तक दूध का सेवन करता है वह सदैव शक्तिशाली, बलवान, निरोगी और दीर्घजीवी होता है।

चिकित्सक सभी आयु वर्ग के लिये इसे पौष्टिक भोजन के रूप में निम्न कारणों से सेवन करने की सलाह देते हैं:-

  • प्रकृति में उपलब्ध द्रव्यों-पदार्थों में केवल दूध में शुगर लैक्टोज होता है।
  • प्राणियों में मसल्स और बुद्धि के विकास के लिये दुग्ध-शर्करा बहुत आवश्यक है।
  • शारीरिक क्रियाकलापों के लिये कार्बोहाइड्रेट आवश्यक होता है।
  • शरीर में लाल कोषिकाओं के समन्वय एवं शारीरिक शक्ति के सुधार के लिये आयरन आवश्यक है।
  • कैलशियम और फाॅस्फोरस दांतों और हड्डियों को मजबूत रखने में सहायक होते हैं।
  • विटामिन ‘ए’ आंख की रोशनी और त्वचा को स्वस्थ रखता है एवं कम्पन रोग को हटाता है।
  • विटामिन ‘बी’ नाडी-मण्डल एवं शरीर के विकास के लिये आवश्यक है।
  • विटामिन ‘सी’ शरीरिक रोगों के प्रति प्रतिरोधक शक्ति पैदा करता है।
  • विटामिन ‘डी’ सूखे रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है।

दूध के नियमित उपयोग की अनुशंसा निम्न कारणों से भी की जाती है।

  • रात्रि में सोने से पहले एक कप दूध का सेवन रक्त के नव-निर्माण में सहायक होता है एंव विषैले पदार्थों को निःसक्रिय करता है।
  • प्रातःकाल हलके गरम दूध का सेवन पाचन क्रिया को संयोजित करने में सहायता करता है।
  • गरम दूध में मिश्री और काली मिर्च मिलाकर लेने से सर्दी-जुकाम ठीक हो जाता है।
  • दूध (Milk) में सबसे कम कोलेस्ट्राॅल होने के कारण शुगर रोगियों को वसारहित दूध सेवन की सलाह दी जाती है।
  • उच्च रक्तचाप से पीडित व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम 200 मी.ली.दूध पीने की सलाह दी जाती है।
  • पेप्टिक अल्सर के रोगियों के लिये दूध एक आदर्श आहार है। 50 मि.ली. ठंडे दूध में एक चम्मच चने का सत्तू दो-दो घंटे पर देने से अल्सर में शीघ्र ही लाभ हो जाता है।
  • दूध के सेवन से मानसिक शुद्धि एवं बौधिक विकास होता है।

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