सभ्यता और शिष्टाचार

सभ्यता और शिष्टाचार, a very short inspirational story of King Henry IV of France

Henry IV France

एक बार फ्रांस के राजा हेनरी चतुर्थ (13 December 1553 – 14 May 1610) अपने अंगरक्षक के साथ पेरिस की आम सड़क पर जा रहे थे कि एक भिखारी ने अपने सिर का हैट उतार कर उन्हें अभिवादन किया। प्रत्युत्तर में हेनरी ने भी अपना सिर झुकाया। यह देखकर अंगरक्षक हेनरी से बोला-महाराज! आप सरीखे सम्राट को एक तुच्छ भिखारी को अभिवादन करना शोभा नहीं देता।

‘शोभा देता है या नहीं, यह तो तुम लोगों के सोचने की बात है, मेरी नहीं।’ राजा आगे बोला-यदि मैंने उसे अभिवादन न किया होता तो मेरे अन्तर्मन की मानवता मुझे कोसती रहती कि ‘है तो तू फ्रांस का सम्राट, किंतु तुझमें एक भिखारी के बराबर भी सभ्यता और शिष्टाचार नहीं।’

Inspirational Quotes of King Henry IV of France in Hindi

यदि ईश्वर मुझे लंबी आयु देता है तो मैं यह प्रयास करूंगा कि मेरे राज्य में हर-एक किसान को कम से कम रविवार को अपना मनपसंद भोजन मिल सके। If God grants me longer life, I will see to it that no peasant in my kingdom will lack the means to have a chicken in the pot every Sunday. – King Henry IV of France

दिल से प्रयास करने वाले के लिए कुछ भी असम्भव नहीं है। Nothing is impossible to a valiant heart. –King Henry IV of France

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5 thoughts on “सभ्यता और शिष्टाचार

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