यात्रा (Tour)

Essay on यात्रा (Tour and Travelling) in Hindi

यात्रा (Tour and travelling) विषय पर चोैकिए मत, मैने तो ऐसे ही बात छेड़ दी। मुझे लगा आप लोग सफर की तैयारी कर रहे हैं, कहीं आपको कुछ लाभ ही मिल जाए। यात्रा (Tour and travelling), कितना छोटा सा शब्द है जिसमें छिपा है एक परिवर्ततन, जिज्ञासा, इच्छा, जानकारी, आत्मिक संतुष्टि, मिलन और पुण्य प्राप्ति-ऐसे अनेक लाभ-यात्रा शब्द में सम्मिलित हैं।

होटल में ठहरने के लिए, पूर्व जानकारी ले लें और हो सके तो अग्रिम बुकिंग करा कर ही जायें। जहां ठहरना हैं, उस होटल के कम से कम दो फोन नम्बर जरूर साथ रखें। अपने सामान की स्वयं देखभाल करें। सामान उतना ही ले चले जो बहुत जरूरी हो। जहां आप ठहरेंगे उन होटलों के टेलिफोन नम्बर भी घर पर बता कर जायें।

यदि आप ठंडी जगह जा रहे हैं तो होटल में बिस्तर की व्यवस्था तो होती ही है परन्तु गर्म कपड़े उतने जरूर रख लें जो आप संभाल सकें।

अपने स्वास्थ्य से सम्बन्धित दवाइयों का डिब्बा जरूर साथ रखें। घूमते-घूमते सफ़र में यदि आपका स्वास्थ्य गवाही न दे तो कमरे में ही रूक जायें, लालच में न पड़ें।

जिस समय होटल के रूम से घूमने को निकलें तो गीजर का बटन एवं रूम की लाइट इत्यादि बन्द कर दें। यदि बाहर से मच्छरों की सम्भावना हो तो खिड़की भी बन्द कर दें।

सहयात्रियों के मोबइल नम्बर जरूर नोट करके साथ रख लें। जहा भी जायें, जिस गु्रप में जाऐं, ऐसा जरूर कर लें कि एक मोबाइल फोन आप लोगों में से किसी के पास जरूर हो। पर ये क्या आपने बात तो अमल की परन्तु अधूरी, आपने रात में मोबाइल तो चार्ज ही नहीं किया। अब तो यह किस काम का, परन्तु घबराइये नहीं, पास की STD/ISD दुकान से फोन मिलाइये और अपने साथियों को अपनी जानकारी दे दीजिए।

एक छोटा टार्च, एक छतरी ले जाना न भूलें। जहां आप जा रहे हैं, यदि लौटने में रात हो गई और होटल की लाइट चली गई या बाजार में रात को लाइट चली गई तो क्या करेंगे

एक दो दिन के अन्तराल के बाद घर पर फोन करके, अपने परिवार की खैर-खबर लेना न भूलें।

कभी-कभी ड्राइवर का स्वभाव हमारे अनुकूल नहीं होता है या होटल मैनेजर या अन्य कोई भी, हम अपने शहर से बाहर हैं, ऐसे में हमें संयम रखना ही है परन्तु सभी का मन ठीक रहे, इसलिए कभी-कभी जहर को भी पीना जरूरी हो जाता है। यात्रा प्रबन्ध में आने वाली बाधाओं से घबरा कर काम नहीं चलने वाला है।

जब भी कमरे को खाली करना हो, सामान निकाल लेने के बाद भी, एक बार जरूर, तकिए के नीचे या बाथरूम में झांक लें शायद आपकी अंगूठी या घड़ी छूट गई हो। आपके नुकसान से आपका मन थोड़ा सा खिन्न हो जाएगा, यदि आप सावधानी रखें तो तनाव मुक्त एवं प्रसन्नता के साथ यात्रा (Tour) हो सकती है।

Also Read : सच्चाई हर जगह चलती है, short motivational story of Chittaranjan Das


आपको यह essay यात्रा (Tour and Travelling) in Hindi  कैसी लगी, कृप्या कमेंट बाक्स पर साझा करें।

आपके पास यदि Hindi में कोई article, story, essay है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ kadamtaal@gmail.com पर E-mail करें. हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ प्रकाशित करेंगे|

Random Posts

  • short hindi stories सच्चाई हर जगह चलती है

    सच्चाई हर जगह चलती है – Short Hindi stories देशबन्धु चित्तरंजनदास जब छोटे थे, तब उनके चाचा ने उनसे पूछा-‘तुम बड़े होकर क्या बनना चाहते हो।’ ‘मैं चाहे जो बनूं, […]

  • Henry IV France सभ्यता और शिष्टाचार

    सभ्यता और शिष्टाचार, a very short inspirational story of King Henry IV of France एक बार फ्रांस के राजा हेनरी चतुर्थ (13 December 1553 – 14 May 1610) अपने अंगरक्षक के साथ […]

  • sune pahad सूने पहाड़-मेरा संस्मरण

    सूने पहाड़-मेरा संस्मरण अभी कुछ दिनों पहले ही मैं अपने ननिहाल गया। लगभग 14 साल बाद। नानी की मृत्यु के बाद बस जाना ही नहीं हुआ। मेरी माताजी सिर्फ दो […]

  • अतुलनीय सहयोग खोये हुए बेग प्राप्त करने में बस कर्मचारियों द्वारा अतुलनीय सहयोग

    खोये हुए बेग प्राप्त करने में बस कर्मचारियों द्वारा अतुलनीय सहयोग – सच्ची प्रेरणादायक घटना घटना 13 दिसम्बर 2017 की है। मैं दिल्ली में सर्विस करता हूँ। लोकल ट्रेन से […]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*