ओणम (Onam)

ओणम (Onam) क्यों मनाया जाता है?

ओणम (Onam) केरल का एक बेहद अहम त्यौहार है। यह पूरे केरल में बहुत ही हर्षोल्लास पूर्वक मनाया जाता है। ओणम (Onam) से जुड़ी कहानी बेहद दिलचस्प है। ओणम (Onam) की कहानी भगवान विष्णु, उनके वामन अवतार ओर राज बलि (King Bali) से जुडी है।

प्राचीन मिथकों के अनुसार बलि (Bali) केरल में एक महाप्रतापी राजा थे। वह भगवान विष्णु के परम भक्त प्रह्लाद के पौत्र थे। बलि (Bali) बहुत ही उदार शासक और महापराक्रमी थे। अपनी तपस्या तथा ताकत से बलि (Bali) ने त्रिलोक पर आधिपत्य हासिल कर लिया था। देवतागण घबरा गये और उन्होंने भगवान विष्णु से सहायता का याचना की।

onam

देवताओं की प्रार्थना सुनकर भगवान श्रीविष्णु ने वामन अवतार लिया। वामन भगवान विष्णु के पाँचवे तथा त्रेता युग के पहले व मानव रूप में अवतरित होने वाले पहले अवतार थे। उन्होंने महर्षि कश्यम व उनकी पत्नी अदिति के घर जन्म लिया।

वामन, एक बौने ब्राह्मण के वेष में बलि (Bali) की सभा में गये और उनसे अपने रहने के लिए तीन पग बराबर भूमि दान देने का आग्रह किया। अतिउदार बलि ने शुक्राचार्य के बार-2 चेतावनी के बावजूद आग्रह स्वीकार कर लिया।

वामन ने अपना आकार इतना बढ़ा लिया कि पहले ही कदम में पूरी पृथ्वी और दूसरे कदम में देवलोक नाप लिया। तीसरे कदम के लिए कोई भूमि न बचने के कारण वचन के पक्के बलि ((Bali) ने वामन को आखिरी कदम रखने के लिए अपना सिर प्रस्तुत कर दिया। वामन ने अपना तीसरा कदम बालि (Bali) के सिर में रखा जिसके फलस्वरूप बलि (Bali) पाताल लोक में पहुँच गये।

भगवान विष्णु अपने विराट रूप में प्रकट हुये और राजा को महाबलि (Maha bali) की उपाधि प्रदान की क्योंकि बलि (Bali) ने अपनी धर्मपरायणता तथा वचनबद्धता के कारण अपने आप को महात्मा साबित कर दिया था। क्योंकि राजा बालि (King Bali) के प्रति उनकी जनता बहुत स्नेह रखती थी, इसलिए भगवान श्रीविष्णु ने बलि (Bali) को वरदान दिया कि वह अपनी प्रजा से वर्ष में एक बार मिल सकते हैं। अतः जिन दिनों महाबलि (Maha bali) केरल प्रवास करते हैं, वही दिन ओणम के रूप में मनाया जाता है।

ओणम (Onam) को केरल में सभी धर्मों के लोग अति उत्साह के साथ मनाते हैं। इस उत्सव का आरंभ घर-आँगन में रंग-बिरंगे फूलों की रंगोली से किया जाता है। त्यौहार दस दिन तक चलता है। बच्चे-जवान, तथा वूढ़े सभी इन दिनों की बड़ी उत्सुकता से प्रतीक्षा करते हैं । नए-नए वस्त्रा पहने जाते हैं । गीत, संगीत तथा विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है । युवतियाँ सफेद साड़ी पहनती हैं तथा बालों पर फूलों की वेणियों से सजाती हैं। ओणम के अवसर पर नाव दौड़ तथा हाथियों का जुलूस लोगों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। लोग एक-दूसरे के घर जाते हैं और मिठाइयों व उपहार का आदान-प्रदान करते हैं।

पूरी लिस्ट: पौराणिक कहानियाँ – Mythological stories


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