कमरों का आवंटन

कमरों का आवंटन (Allotment of Hotel Rooms)

हम लोगों का यात्रा संगठन है जिसके रमेश चन्द शर्मा जी अध्यक्ष है। श्रीनाथद्वारा की यात्रा के दौरान एक घटना का ज़िक्र करना जरूरी लग रहा है। जैसा कि हर यात्रा में गंतव्य पर पहुंच कर, भाईसाहब रमेश चन्द शर्मा जी कमरे सदस्यों को आवंटित कर देते हैं। यहाँ भी ऐसा ही किया गया।

किसी ग्रुप में तीन सदस्यों को एक कमरा मिला जो उन्हें छोटा लग रहा था। यात्रियों में से किसी ने उन्हें सलाह दी की भाईसाहब के पास बड़ा कमरा होगा उनसे बदल लो। वे सदस्य भाई साहब के पास पहुंचे और अपनी समस्या बताई। भाई साहब ने उनसे कहा कि यदि वे उनके कमरे साथ अपना कमरा बदलना चाहते हैं तो पहले उनका कमरा देख आयें।

जब उन्होंने सबसे ऊपर की मंजिल पर पहुंच कर, उस कमरे को देखा तो उनकी आंखे लज्जा एवं दुःख से द्रवित हो गई क्योंकि उस कमरे में न तो छत थी और न दरवाजा था और दिसम्बर माह के विकट सर्दियों की रात थी।

बात यह थी कि जिस समय मैं और भाईसाहब होटल बुकिंग के लिए गए थे तब उन सज्जन ने कहा था कि आपके आने तक कमरे खाली हो जायेंगे । आपको कोई तकलीफ नहीं होगी। जब वहाँ वैसी स्थिति देखी तो भाईसाहब ने जो निर्णय लिया उस पर सारी यात्रा में चर्चा बनी रही।

प्रेषक: दलीप कुमार, द्वारका, दिल्ली

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