• मानवता के गिरते स्तर में पुराने किस्सों का मोल

    मानवता के गिरते स्तर में पुराने किस्सों का मोल आज अच्छे साहित्य को पढ़ने का समय ही कहाँ रह गया है। फिल्मों एवं दूरदर्शन के सीरियलों में जो कुछ भी दिखाया जा रहा है, उसके अक्रोश, घृणा एवं स्वार्थ को समाज में बढ़ावा ही मिल रहा है। ऐसा नहीं कि सब कुछ गलत ही दिखाया जाता है अपितु ऐसा कह […]

  • अनजाने पाप

    कपिल वर्मा धीरे-धीरे सड़क पार कर रहे थे, चारों तरफ इतनी भीड़ थी कि सड़क पार करना कठिन था आज वर्मा जी को बहुत समय बाद इस क्षेत्रा में आना हुआ था। शौरूम में कदम रखते ही, सभी कर्मचारियों की निगाहें उनकी तरफ उठ गई। शौरूम के मालिक मोहन अपनी कुर्सी से उठकर उनके स्वागत के लिए आगे बढ़ गए। […]

  • कमरों का आवंटन

    कमरों का आवंटन (Allotment of Hotel Rooms) हम लोगों का यात्रा संगठन है जिसके रमेश चन्द शर्मा जी अध्यक्ष है। श्रीनाथद्वारा की यात्रा के दौरान एक घटना का ज़िक्र करना जरूरी लग रहा है। जैसा कि हर यात्रा में गंतव्य पर पहुंच कर, भाईसाहब रमेश चन्द शर्मा जी कमरे सदस्यों को आवंटित कर देते हैं। यहाँ भी ऐसा ही किया गया। […]

  • mechanic bus

    संकटमोचक मैकेनिक

    संकटमोचक मैकेनिक (Unforgettable Help of Mechanic)  सन् 2000 में उत्तरकाशी से गंगोत्री वापिस आते समय, बस खराब हो गई थी। ड्राईवर (driver) ने काफी प्रयास किया परन्तु बस स्ट्रार्ट नहीं हो पाई। अंधेरा होने वाला था, आस-पास कोई बस का mechanic भी नहीं मिल पाया। जो लोग मिलें उन्होंने कहा कि रात को यहाँ रूकना खतरनाक है। यह सुनते ही बस की […]

  • जीवन की सार्थकता दूसरों के लिए जीने में है

    एक बार एक राजा ने राजमार्ग पर एक विशाल पत्थर रखवा दिया। फिर वह छिपकर बैठ गया, यह देखने के लिए कि कोई उसे उठाता है या नहीं। मार्ग में पड़े उस पत्थर उस मार्ग से निकलने वाले, कई धनी सेठों ने, दरबारियों ने भी देखा परन्तु राजमार्ग को बाधारहित करने के लिए, किसी ने भी कुछ नहीं किया, सब […]

  • संस्कार

    संस्कार Our Traditional Ethics in Hindi हमारे जीवन में हजारों पुराने व नये संस्कार (Traditional Ethics) होते हैं। जो बनते और समाप्त होते हैं। हर व्यक्ति के अपने-अपने संस्कार होते हैं। कुछ संस्कार अन्तिम समय तक हमारे साथ ही चलते हैं और कुछ अगले जन्म तक साथ आत्मा के साथ जाते हैं। संस्कारों की जीवन में भूमिका संस्कारों (Traditional ethics) की […]

  • गलत मान्यतायों का तिरस्कार हो

    गलत मान्यतायों का तिरस्कार हो कई पुरानी मान्यतायें हमें जीवन से, मूल सिद्वांत से भ्रमित कर देती हैं या हमारे भाग्य में पाप अनजाने में बढा़ देती हैं। दहेज भी ऐसी एक मान्यता रही जो कि अब काफी हद तक कम हो गई है। इस मान्यता की वजह से गरीब घर की कई लड़कियां तो पूरी जिन्दगी कुंवारी ही रह […]

  • भूल सुधार एवं क्षमा करना

    भूल सुधार एवं क्षमा करना Apology and Forgiveness in Hindi यदि हमें यह आभास हो गया कि संस्कार ही इस जीवन धारा के मूल में विराजमान हैं तो हम अपनी जीवन शैली को बदलने का प्रयास कर सकते हैं। जैसे हमारी पुरानी मान्यताओं/अनुभवों/संस्कारों के कारण जिस किसी से भी हमारे संबन्धों में दरार पड़ गई है। उस दरार को भरने […]

  • value of money

    पैसे का मूल्य | Value of Money

    पैसे का मूल्य | Value of Money एक नवयुवक एक दिन job की तलाश में किसी धर्मशाला में पहुँचा। वहाँ के manager ने कहा, तुम यहाँ पहरेदारी का काम कर लो। कौन आते हैं, कौन जाते हैं, इसका सारा ब्यौरा लिखकर रखना होगा। नवयुवक ने कहा, मालिक! मैं पढ़ा-लिखा नहीं हूँ। प्रबन्धक ने कहा, तब तो तुम हमारे काम नहीं आ […]