• भ्रामरी देवी

    माँ भ्रामरी देवी की अवतार कथा

    माँ भ्रामरी देवी की अवतार कथा Maa Bhramari Devi avatar katha अरूण नाम का एक पराक्रमी दैत्य ब्रह्मा जी को प्रसन्न करने के लिए कठोर तप कर रहा था। उसकी तपस्या इतनी प्रचण्ड थी कि उसके शरीर अग्नि की ज्वालाएँ निकलने लगी। उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्माजी गायत्री देवी को साथ लेकर अरूण के समक्ष प्रकट हुए। अरूण ब्रह्मा जी के […]

  • hanuman ji ka ghamand

    हनुमान जी का घमण्ड चकनाचूर

    हनुमान जी का घमण्ड चकनाचूर, short story on Hanuman Ji Ka Ghamand Chaknachur in Hindi यह वाकया उस समय का है जब लंका तक जाने के लिए समुद्र पर सेतु बांधने की तैयारी चल रही थी। श्रीराम जी की इच्छा समुद्र सेतु पर शिवलिंग स्थापित करने की हुई। उन्होने हनुमान जी को बुलाया और कहा-‘मुहुर्त के भीतर काशी जाकर भगवान शंकर […]

  • sunhara newla

    सुपात्र को ही दान दें । शिक्षाप्रद पौराणिक कहानी

    सुपात्र को ही दान करें । शिक्षाप्रद पौराणिक कहानी यह महाभारत काल की पौराणिक कहानी है। युद्ध समाप्त हो गया था। महाराज युधिष्ठिर ने दो अश्वमेघ यज्ञ किये। उन यज्ञों के बाद उन्होने इतना दान किया कि उनकी ख्याती चारो दिशाओं मे फैल गयी। तीसरे यज्ञ के पूर्ण होने पर यज्ञशाला में एक अजीब सा नेवला आ गया जिसका कि आधा […]

  • वाल्मीकि

    वाल्मीकि । डाकू से महर्षि तक का सफर

    वाल्मीकि । डाकू से महर्षि तक का सफर महर्षि वाल्मीकि का पूर्व नाम रत्नाकर था। रत्नाकर का काम राहगीरों को लूट कर धन कमाना था। रत्नाकर जिस किसी को भी लूटता, वह व्यक्ति उसे रोता, गिड़गिड़ाता, भयभीत होता ही दिखता। आज उसने एक अजीब साधु देखा था, जो बिल्कुल भी नहीं डरा। इस साधु ने तो एक शब्द भी अपनी प्राणरक्षा […]

  • इन्द्राणी शची और नहुष का घमण्ड

    इन्द्राणी शची और नहुष का घमण्ड

    इन्द्राणी शची और नहुष का घमण्ड इन्द्र की पत्नी शची का जन्म दानवकुल में हुआ था। उनके पिता का नाम पुलोमा था। बचपन में शची ने भगवान शंकर को प्रसन्न करने के लिए भारी तपस्या की थी और उन्हीं के वरदान से वे देवराज की प्रियतम पत्नी तथा स्वर्ग लोक की रानी हुई। वृत्रासुर त्वष्टा ऋषि का यज्ञ-पुत्र था। देवराज […]

  • ravan kumbharan

    सीता को रिझाने के लिए रावण द्वारा राम का रूपधारण

    सीता को रिझाने के लिए रावण द्वारा राम का रूपधारण – short story of Ravan Kumbhkaran samvad in Hindi राम जी इतने अधिक शुद्ध हैं कि जो राम का स्मरण भर करता है, वह भी शुद्ध हो जाता है। श्रीएकनाथ महाराज की भावार्थ-रामायण में पैंतालीस हजार मराठी पद हैं। उसमें रावण द्वारा राम का रूप धरने से होने वाली स्थिति की […]