बंदर और मछली | स्वर्ग और नरक Moral stories in Hindi

बंदर और मछली | स्वर्ग और नरक
Moral stories in Hindi

छोटी-छोटी कहानियाँ भी हमें बहुत बड़ी सीख दे जाती हैं। नीचे दो लघु हिंदी कहानियाँ (short moral stories) दी गयी हैं – पहली हिन्दी कहानी (Hindi story) बंदर और मछली की है जो कि दोस्तों को लेकर हमें सचेत करती है तथा दूसरी लघु हिंदी कहानी मिलजुल कर रहने में ही भलाई है, इस तथ्य को समझाती है। 

बंदर और मछली | Monkey and Fish
Moral story – 1

लघु हिंदी कहानी

पुराने समय की बात है। बन्दर और मछली पक्के दोस्त थे। बंदर हमेश मछली का ख्याल रखता था। एक बार कई दिनों तक बारिस आती रही। नदी का पानी उफान पर था। बंदर सुरक्षा के लिए पेड़ पर चढ़ गया। उसने नीचे पानी में संघर्ष करती हुई मछली को देखा।

उसे मछली की चिन्ता सताने लगी। उसने सोचा कि मैं अपने-आपको को बचाने के लिए सुरक्षित ऊँचे स्थान पर हूँ और मछली को अपने हाल पर छोड़ दिया है। उसने मछली को भी सुरक्षित ऊपर लाने का विचार किया। वह नीचे आया और मछली को पकड़ कर पेड़ पर ले गया। बेशक उस मूर्ख बंदर की तरकीब काम न आयी और मछली की मौत हो गयी।

इस लघु हिंदी कहानी (short hindi story) से हमें यह सीख मिलती है कि मूर्खों से दोस्ती करना अपना जीवन खतरे में डालने के समान है न जाने कब उनके द्वारा भलाई के लिए किया गया काम भी मुसीबत को निमंत्रण दे दे।

स्वर्ग और नरक | Heaven and Hell
Moral story – 2

एक महिला को मृत्यु हो गई। देवदूत उसे स्वर्ग ले जाने लगे। रास्ते मे नरक पड़ता था। वे कुछ समय वहीं रूक गये। महिला ने देखा कि वहां बेहतरीन आहार की कोई कमी नहीं है। वहां चम्मच से ही भोजन करना आवश्यक था। लेकिन समस्या चम्मच की लम्बाई से थी। उसकी लम्बाई तो लोगों की लम्बाई से भी अधिक थी। वे उससे आहार निकालने की कोशिश करते लेकिन उनका हर प्रयास असफल हो रहा था। वे चिड़चिड़े, दुःखी और भूखे रह जाते थे।

महिला और देवदूत आगे स्वर्ग की तरफ चल दिये। स्वर्ग पहुंच कर महिला आश्चर्यचकित रह गयी। उसने देखा कि स्वर्ग में भी समान परिस्थिति है। वहां भी हरएक के पास वैसी ही चम्मच है। वहां लोग स्वस्थ और खुशहाल हैं।

महिला ने आश्चर्य से पूछा-“आखिर ये लोग इतने अलग क्यों हैं?”

दूत ने जवाब दिया-“वे एक-दूसरे को भोजन करा रहे हैं। इन लोगों ने प्रेम से रहने का तरीका ढूंढ लिया है।”

इस लघु हिंदी कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि मिलजुल कर रहने में सबकी भलाई होती है और मुश्किल से मुश्किल काम भी आसानी से हल हो जाता है।

यह हिंदी कहानी भी पढ़ें : कछुआ और बंदर


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