कोई भी शिखर हिम्मत से ऊँचा नहीं होता

कोई भी शिखर हिम्मत से ऊँचा नहीं होता
Sean Swarner Motivational Story in Hindi

sean swarner

सेन स्वानर ने दो बार बिल्कुल अलग-अलग किस्म के खतरनाक कैंसर की बीमारी से विजय प्राप्त की। उन्होंने एवरेस्ट को फतह किया, वह भी सिर्फ एक लंग्स के साथ। वे एथलिट के साथ-साथ मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं। उनकी गिनती वर्तमान समय के सबसे प्रभावशाली मोटिवेशन स्पीकरों में की जाती है।

सेन स्वानर (Sean Swarner) का जन्म 2 सितम्बर 1974 को ओहिया, अमेरिका में हुआ था। वे जब सिर्फ 13 वर्ष के थे, कैंसर ने पहली बार अपनी चपेट में लिया। यह वह समय था जब उनके हमउम्र साथी पढाई और खेलकूद में व्यस्थ थे, वे जीने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उनके साथी स्कूल में होते, वे अस्पताल के चक्कर लगाया करते। उस समय इस बीमारी के बारे में उनके माता-पिता ने उन्हें कुछ नहीं बताया। बस यह बताया कि वे बीमार हैं। वे यह समझते थे कि दवाईयों से उनके बाल उड़ रहे हैं और वजन भी काफी बढ़ गया था।

20 महीने के इलाज और लगातार चेकअप के बाद एक दिन डाक्टरों ने उनके माता-पिता को बताया कि उनको फिर से कैंसर हो गया है वह भी एक बिल्कुल अलग ही प्रकार का जिसका पुराने कैंसर से कोई तालुकात नहीं है।

उस समय उनकी उम्र 16 वर्ष थी। डाक्टर ने उनके सिर्फ दो हफ्ते जीवित रहने की बात कही। उनको कहा गया था कि इलाज के बाद इन बीमारियों से विजय पाना एक ही नम्बर से चार बार लाइटरी जीतने के समान है अर्थात जीवित रहने की सम्भावना न के बराबर है। इस बार वे इस बीमारी के बारे में सब समझने लगे थे। यह उनके लिए अवसाद भरा समय था।

एक दिन अस्पताल में उन्होंने टीवी पर हवाई में होने वाली आयरनमेन प्रतियोगिता देखी जिसमें प्रतियोगी अपने समर्पण और साहस से यह सिद्ध करते हैं कि कुछ भी संभव है। वे सोचने लगे अगर मैं बच गया तो इस प्रतियोगिता में अवश्य भाग लूंगा। इस बार भी उन्होने इस खतरनाक बीमारी से विजय प्राप्त करके सबको अचंभित कर दिया।

अब उनको यह पूरी तरह भान था कि कैंसर को दो बार हराने के बाद, अब उनके लिए कोई भी चुनौती बड़ी नहीं है और न कोई पर्वत की चोटी इतनी ऊँची है कि उन्हें वह विजय प्राप्त करने से रोक सके। उन्होंने शुरूआत एवरेस्ट फतह से की वह भी सिर्फ एक ही फैफड़े से क्योंकि एक फैफड़े में कैंसर का ट्यूमर होने के कारण निकाल दिया गया था। 2008 में उन्होंने आयरनमेन वर्ड चैम्पीयनशिप में भाग लेकर अपने बचपन का सपना पूरा किया।

वे यहीं नहीं रूके उन्होनें पर्वतों को जीतने का सफर जारी रखा। आज वे इतिहास के पांचवें व्यक्ति हैं जिसने पांचों महाद्वीपों की ऊँची पर्वत चोटियों को छुआ और साथ-ही-साथ दक्षिणी धु्रव और उत्तरी धुर्व की ट्रेकिंग की। यह वही इंसान हैं जिसके सिर्फ दो हफ्तों तक का जीवन रहने की डाक्टरों ने कभी भविष्यवाणी की थी।

Sean Swarner कहते हैं कि-“कैंसर ने मुझे जीवन के बारे में यह अहसास कराया कि हमें मौत को लेकर चिन्तित नहीं होना चाहिए वह तो ईश्वर के हाथों में है। जिन्दगी के मायने तो सिर्फ यह है कि हम उसे कैसे जीते हैं। कैंसर की बीमारी ने मुझे जीवन को अलग तरह से देखने में मदद की जिसके लिए मैं अपने आपको को ईश्वर का शुक्रगुजार महसूस करता हूँ।”

सेन स्वानर के अनमोल विचार
Motivational Quotes of Sean Swarner


आप 30 दिन बिना खाये रह सकते है, 3 दिन बिना पानी के गुजार सकते है परन्तु 30 सैकंड भी बिना उम्मीदों के नहीं जी सकते।
You can go a month without food, you can live three days without water, but you can’t go more then sixty seconds without HOPE.


मैंने बहुत छोटी उम्र में ही यह जान लिया था कि स्वास्थ्य अनमोल है, और बहुत से लोग तो इसका अहसास ही नहीं होता जब तक कि मामला हाथ से न निकल जाता।
I realized at a very young age that health is precious, and too many people don’t realize it until it’s slipping away, or worse yet, it’s gone


यदि आप कुछ करना चाहते हैं और आपका कोई मकसद है, इंतजार मत कीजिए, उसे तुरंत शुरू करें, क्योंकि आपका चैनल कभी भी बदल सकता है-अप्रत्याशित रूप से। (उनका तात्पर्य है कि जो करना है अभी करें, भविष्य में न जाने क्या परिस्थिति बनती है)
If you want to do something and you have a goal, do it, don’t wait, because your channel might change sometime soon – and quite unexpectedly.


यह हास्यपद है कि आपके पास जो है उससे आप खुश नहीं हैं, इस तथ्य से खुश रहें कि आज के लिए आपके पास स्वास्थ्य हैं। बहुत से लोग अपने स्वास्थ्य को गारन्टिड लेकर चलते हैं।
It’s ridiculous not to live happily with what you have, enjoying the fact that you have that day and your health. I think too many people take that for granted.


…. खुल कर जियें, प्रेम करें, हँसें, सीखें और मिसाल पेश करें। यह पांच चीजें, मुझे विश्वास है, जीवन का आधार हैं।
. . . live, love, laugh, learn, and lead by example. Those five things are, I believe, the basis of life.” 

Also Read : आखिर हम बार-बार हारते क्यों है? Why we defeat?


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