क्या नकारात्मक लोगों से दूर रहना चाहिए

क्या नकारात्मक लोगों से दूर रहना चाहिए
Should we stay away from negative people in Hindi

हम सब के मन में कई सवाल उमड़ते रहते हैं। negative people कौन होते हैं? क्या हमें negative persons से दूर रहना चाहिए? हम negativity को जीवन से कैसे दूर करें? हम negative thoughts से कैसे निजाद पायें? क्या negativity वास्तव में progress के लिए हानिकारक है? एक और महत्वपूर्ण सवाल negative and positive होता क्या है? इसी तरह के और न जाने कितने तरह के सवालों से हम रूबरू होते हैं जिसमें अक्सर यह सुनने के लिए आता है कि नेगेटिव लोगों से जितना दूर रहेंगे सफलता के लिए उतना ही आवश्यक है।

नकारात्मकता और सकारात्मकता सिक्के के दो पहलू

Negativity और positivity सिक्के के दो पहलू हैं जिसके एक हिस्से में मान लीजिए सूर्य की रोशनी पड़ रही है। बस पहर के हिसाब से सिक्के की छाया बड़ी-छोटी होती जायेगी। यहाँ सूर्य की रौशनी से तात्पर्य है – आपकी दृढ इच्छाशक्ति और कुछ कर गुजरने का जज्बा।

देखिए, किसी भी परिस्थिति में सिक्के का नकारात्मकता (negativity) वाला पहलू तो रहेगा ही। वही आपको वास्तव मे उर्जा देगा साथ ही साथ चेतावनी देता रहेगा। आप इसको किस तरह लेते हैं, यही आपकी success और failure के बीच में भेद करेगा।

इसी तरह हमारे जीवन के दो पहलू हैं-सकारात्मक विचार (positive thoughts) और नकारात्मक विचार (negative thoughts)। जैसे-जैसे आप सफल (success) होते जायेंगे negativity की छाया छोटी होती चली जायेगी।

negativity in hindi

आप समझ गये होंगे नकारात्मक विचार (negative thoughts) और सकारात्मक विचार (positive thoughts) कुछ नहीं होती है। वह तो बस सूर्य की रोशनी है जो उसे संचालित करती है। जैसे-जैसे आप success होते जायेंगे, आप हर नकारात्मक विचारों (negative thoughts) में से सकारात्मकता (positivity) ढूंढ ही लेंगे तथा लोगों के नकारात्मक विचारों का गहराई से मनन करेंगे और सावधानीपूर्ण अपनी मंजिल की तरफ बढ़ते जायंगे।

कुछ चीजें आपको दूसरों के अनुभव से भी सीखनी होगी

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आप बार-बार गलती करते रहेंगे तो कहीं नहीं पहुंच पाओगे तथा पूरा जीवन ही अनुभव लेने में व्यतीत हो जायेगा। अंत में कुछ हाथ नहीं लगेगा। यहां कहने का तात्पर्य है कि आपको बहुत सी चीजें दूसरों के अनुभव से भी सीखनी होती है।

आप सेयर मार्केट में सट्टेबाजी करते हैं। इसको लेकर आपके मन मे बहुत उत्साह और सपने हैं। आप इस तरह के उदाहरण पढ़ते-सुनते रहते हैं कि किस तरह कोई बहुत जल्दी करोड़पति बन गया है। लेकिन आपका परिवार इस तरह के काम से बहुत चिंचित और संकालू है। वे आपको हर समय समझाने का प्रयास करते हैं कि इस काम से दूर रहने में ही भलाई है। अब आप बताइए कि क्या आपको परिवार की बिल्कुल नहीं सुननी चाहिए क्योंकि उनके नकारात्मक विचार (negative thoughts) हैं। क्या आपको तो उन सट्टेबाजों के गु्रप के साथ ही अधिक समय बिताना चाहिए जिससे कि आप में इस कार्य के प्रति positivity का संचार होता रहे।

आपका मित्र सड़क में बाईक बहुत तेज चलाता है। उसकी इस हरकत से आप चिंतित हो जाते हैं और उसे समझाते हैं कि बाईक ढंग से चलाओ नही तो दुर्घटना हो जायेगी जिससे जान भी जा सकती है। क्या आपका मित्र इस बात से नाराज हो सकता है कि आपके विचार तो नकारात्मक है ऐसे negative people से दूर रहने में ही भलाई है।

अतः हर वह इंसान जिसको आप नकारात्मक (negative) समझते हैं, वह अपने जीवन के तर्जुबे और विचार आपके साथ साझा करता है। उनको नजरअंदाज न करें। ध्यान से उनकी बातें सुना करें तथा अपना निर्णय सोच समझ कर लें।

बच्चों की तरह जिज्ञासा रखें पर बालहठ ठीक नहीं

negative thoughts in hindi

अपने आसपास की हर गुत्थी को सुलझाने की जुगत लगाना बच्चों की मूल प्रवृत्ति होती है। वह कुछ न कुछ नया करना चाहता है। बालहठ बालपन की स्वाभाविक विशेषता है। बालहठ के सामने बड़ों को अपनी हठ नकार देनी होती है। अपरिपक्व बुद्धि के कारण बालक गलत-ठीक में अन्तर नहीं जानता। लेकिन आप व्यस्क हैं आपको दूसरों की बातें ध्यान से सुननी होगी तथा हर पहलू पर निरपक्षता से विचार करना होगा। आपके हठ का रुख positivity की ओर रहना चाहिए। इसके लिए आपको चाहिए बहुत.सी मेहनत और धैर्य। सीढ़ी के अंतिम पायदान पर पहुंचना सरल होता है बशर्ते कि पहले वाले पायदान सावधानीपूर्वक पार किए जाएं।

क्या नकारात्मक विचारों पर ध्यान देना ही सफलता में सबसे बड़ी बाधा है?

traffic light

हर व्यक्ति के अपने विचार होते हैं। यदि कोई आपको सलाह, सुझाव या चेतावनी देता है तो उनके विचारों का आदर कीजिए और उन्हें अपने शुभचिन्तक की तरह देखिए। हर एक पर शंका करना कोई समझदारी तो बिल्कुल भी नही है। उनके विचारों को ट्रेफिक की पीली बत्ती की तरह देखिये जो आपको आगे गति बढ़ाने-घटाने की चेतावनी देता रहता है। यदि आप पीली बत्ती को नजरअंदाज करेंगे तो दुर्घटनाग्रस्त होंगे। अतः आप negative thoughts पर विश्वास भले ही न करें पर उसे न सुनने लायक तो मत समझिये।

सफल न होने के 100 कारण

नकारात्मक लोग (negative people) आपकी सफलता के प्रति शंकालू होते हैं। वे आपके सफल न हो पाने के 100 कारण गिना सकते हैं। क्या आपको उन लोगों के विचारों को नहीं सुनना चाहिए। मेरी मानें तो आप उनके विचारों को सुनिये। उसका शांत दिमाग से विश्लेषण कीजिए। अपने मन के भावों को काॅपी में लिखिए। व्यूरचना बनाइए और जुट जाइए अपने मकसद के लिए। आपको थामस एडिशन की तरह 10000 बार लगातार गलतियों पर गलतियां करके सफल नहीं होना है। आपको दूसरों की गलतियों से सबक लेते हुए मंजिल पानी है।

अतः अब आप समझ चुके होंगे कि नकारात्मक लोगों (negative people) से दूर भागने में कोई समझदारी नहीं है। हमेशा ध्यान रखिए आंखे बंद कर लेने से खतरा टल नहीं जाता और आंखे खुली रखने से आप रात्रि को  आने को नहीं रोक सकते। इसलिए हमेशा लोगों के नकारात्मक विचारों से दूर मत भागिए उन्हें सुनिये परन्तु अपने दिल या दिमाग में हावी न होने दें। सोच समझ कर निर्णय लें और अपनी मंजिल को छूने के लिए आगे बढ़ते जाइए। निश्चय ही कामयाबी आपके चरण चूमेगी।

Also Read: नैन सिंह रावत – जिन्होंने तिब्बत को अपने कदमों ने नापा


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