लौरा वार्ड ओंगले success story

लौरा वार्ड ओंगले College Dropout student success motivational story

Success उन्हें मिलती है जो कुछ बड़ा करने का जज्बा रखते हैं तथा अपनी गलतियों से सबक सीखते हैं। यह story है एक जुझारू महिला लौरा वार्ड ओंगले (Laura Ward-Ongley) की जिन्होने पढ़ाई बीच मे ही छोड़ दी और आज करोड़ों के कारोबार की मालकिन है।

लंदन की 34 वर्षीय Laura Ward एक छोटे से शहर विल्टसेयर से लंदन जैसे बड़े शहर में पढ़ने आई थीं। लेकिन कॉलेज और किताबों में मन लगने के बजाए वो शहर की चमचमाती जिंदगी की तरफ आकर्षित होती गयी। लौरा का मन कॉलेज की पढ़ाई में नहीं लगा और नौकरी करके ऐश और आराम की जिंदगी के सपने देखने लगी।

वह सिर्फ 20 वर्ष की थी जब उन्होने नौकरी के लिए प्रयास शुरू कर दिया। उन्हें एक निजी इक्यूटी फर्म में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी मिली। उसका ऑफिस शहर के पाॅश इलाके में था जहाँ बड़े-बड़े क्लब और पब थे। वहाँ उसका रोज का आना जाना हो गया।लौरा वार्ड ओंगले

रोज-रोज की पार्टियों की लत ने उनके काम पर असर देना शुरू कर दिया। नौबत यहां तक आ गई कि वह रात भर पार्टी करती थी और दिन में ऑफिस। उनसे इस तरह के रवैये से काम पर बुरा असर पड़ने लगा। आखिरकार दो साल बाद उन्हें नौकरी ने बाहर कर दिया गया।

कुछ समय उन्होने घर पर ही बिताया। विज्ञापन एजेंसी में काम करने के इच्छुक लौरा बड़ी-बड़ी एजेंसी के संपर्क में रहती थी। कारों का लेखा-जोखा रखने वाली एक कम्पनी में उन्हें असिस्टेंट पद के लिए इंटरव्यू का आॅफर आया।

वे बहुत excited थी पर साथ-ही-साथ चिन्तित भी क्योंकि उन्हें कारों के बारे में कोई जानकारी तो थी ही नहीं। परन्तु वे इस नौकरी को किसी भी तरह हासिल करना चाहती थी। अतः उन्होंने कई-कई घंटे कम्प्यूटर के सामने बैठ का जानकारी इकट्ठी की। उन्होने विभिन्न माॅडलस् की कारे किराये पर ली और उनके फंक्शन को समझा। आखिर उनकी hardworking रंग लाई और उन्हें नौकरी मिल ही गयी।

इस बार उन्होंने नाईट क्लब में समय न बिता कर रात-दिन दिल लगाकर काम किया। कुछ सालों बाद उन्हें एजेंसी के बोर्ड का मेम्बर बनने का आफॅर मिला।

काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने तय किया कि रिस्क लेकर अपना ही कुछ काम शुरू करना चाहिए। लेकिन लौरा की यह बात उनके परिवार और सहयोगियों के समझ से परे थी। उन्होंने लौरा को बहुत समझाया और सुनाया। लौरा ने किसी की न सुनी और नौकरी को अलविदा कह दिया।

लौरा ने सोशल मीडिया की ताकत को समय पूर्व ही पहचान लिया था। उन्हें लग रहा था कि इसे कारोबार को बढाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। अतः उन्होंने बैंक से कुछ लोन लेकर ‘फैब ट्रेड’ नाम कम्पनी की शुरूआत की।

आज लौरा इस फील्ड की लीडर है। उनके साथ दुनिया की बडी-बड़ी कंपनियाँ जुड़ी हुई हैं। उनकी यह कंपनी सोशल मिडिया एडवटाइजिंग का कार्य करती है जो कि छोटी-छोटी कम्पनियों को सोशल मीडिया के जरिए अपनी पहचान और कारोबार बढ़ाने में सहयोग देती है।

उनकी story से यह साबित होता है कि सफलता (success) के लिए डिग्री रूकावट नहीं बनती है। अगर आप कुछ करने का जज्ब रखते हैं तो रिस्क लेने ही पड़ते हैं।

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