निकोलस वूडमेन: सर्फिंग के जुनून ने खोजकर्ता बनाया

निकोलस वूडमेन: सर्फिंग के जुनून ने खोजकर्ता बनाया Inspirational story of Nicholas Woodman : Passion of Surfing to Inventor in Hindi

यदि आपने निकोलस वूडमेन (Nicholas Woodman) का नाम नहीं सुना है तो भी आप उनके प्रोडक्ट गोप्रो GoPro से जरूर वाफिक होंगे। यह एक हल्का कैमरा है जो कि साहसिक खेल गतिविधियों की फोटों खींचने के लिए प्रयोग किया जाता है। निकोलस अपने स्पोर्ट कैमरा के खोजकर्ता और निर्माता के रूप में महशूर हैं।nicolas woodman

निकोलस (Nicholas Woodman) का जन्म 24 जून 1975 को कैलिफोर्निया, अमेरिका में हुआ था। उनके पिताजी निवेश बैंकिंग फर्म रोबर्टसन स्टीफन के सह-संस्थापक थे।

निकोलस हाई स्कूल के समय से ही सर्फिंग के दिवाने थे। उन्होने अपने स्कूल में पहले सर्फिंग क्लब की स्थापना की। उन्होने 1997 में विजूअल आर्ट में अपनी बी.ए. डिग्री पास की।

गोप्रो (GoPro) से पहले उन्होंने दो business शुरू किये थे। सबसे पहले एक इलैक्ट्राॅनिक आइटम के सेल्स वेवसाईट (Empowerall.com)  बनाई जिसमें वे बुरी तरह असफल (fail) हुए तथा मजबूरन उस वेवसाईट को बंद करना पड़ा।

सन् 1999 में वूडमेन ने अपने दूसरे स्टार्टअप की शुरूआत की। उनकी कम्पनी का नाम  Funbug था जो कि गेमिंग और मार्केटिंग प्लेटफार्म थी जिसमें वे उपयोगकर्ता को नगद इनाम जीतने की चान्स देते थे। इस स्टार्टअप के लिए उन्होने 39 लाख डालर का निवेश एकत्रित किया। सन् 2001 में सिर्फ एक साल बाद ही कम्पनी की हालत पतली हो गयी तथा उनकी पूंजी तथा निवेशकों का सारा पैसा डूब गया।

इस असफलताओं से (failure) वह टूट गये थे। इससे उबरने के लिए वे आस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया के भ्रमण पर निकल पड़े। सर्फिंग (surfing) तो उनका जनुनू (passion) रहा था। वहाँ सर्फिंग (surfing) करते समय उनको ऐसे कैमरे की आवश्यकता महसूस हुई जो कि किसी तरह शरीर से जोड़ा जा सके तथा हर पल का हाईडेफिनेशन विडियो और स्टील फोटोग्राफी बनाई जा सके। उस वक्त ऐसी कोई तकनीक थी ही नहीं। इसलिए उन्होने एक कैमरे को अपने हाथ में रबड़बैंड की सहायता से जोड़ा। इस विचार ने उनको गोप्रो (GoPro) बनाने का प्रेरणा (inspiration) दी।

If I didn’t follow my passion for surfing… I would have never come up with the concept to make a wrist camera. Nick Woodman

उन्होंने पाया कि मौजूदा उपकरण बहुत महंगे और उनकी गुणवत्ता भी पानी में अच्छी नहीं थी। उनका अगला काम था इस समस्या को सुलझाना और ऐसा व्यवसाय शुरू करना जो कि बाजार में इस कमी को पूरी कर सके। उनको अच्छी तरह पता था कि बाजार में खेलों की गतिविधि को अच्छी तरह दिखाने के लिए किस प्रकार के कैमरे की आवश्यकता है और उन जैसे सर्फर (surfer) के लिए कैसा कैमरा होना चाहिए।

Nicholas Woodman अपनी कम्पनी फनबग (funbug) के पतन के लिए अपने आप को जिम्मेदार मानते थे इसलिए इस बार उन्होने निवेशकों से पैसा नहीं मांगा क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि उनकी मेहनत की पूंजी (hard earned money) बरबाद हो जाये। इस नये कार्य के लिए उन्होंने अपने परिवार से ही पैसे की व्यवस्था की।

पुरानी असफलता (failures) के कारण अब वे कोई भी कमी नहीं छोड़ना चाहते थे। काम के प्रति समर्पण (dedication to work) को वे चरम बिन्दु तक ले गये। वे उस वक्त सिर्फ 26 वर्ष के थे, उन्होने अपने विचारों को अमली जामा पहनाने के लिए चार वर्ष दिन-रात एक किये और एक मिनट भी बरबाद नहीं किया। वे घंटो अपने मेज में बैठे रहते, सिलाई मशीन से हाथ में पहनने वाली पट्टी बनाते, ड्रिल मशीन से प्लास्टिक का माॅडल विकसित करने का प्रयास करते। इस तरह वे 18 घंटे लगातार अपने केमेरे का प्रोटोटाइप बनाने में लगाते।

इंजीनियरिंग का ज्ञान न होने के कारण उनको बहुत दिक्कत होती थी। उन्होंने चाईनीज निर्माता कम्पनी होटेक्स के साथ डील की। अपनी जरूरत और पसन्द उन्हें बताई। उन्होंने अपनी ड्रिल मशीन से बनाई डिजाइन को उनके पास भेजा क्योंकि वे नहीं जानते थे कि कम्प्यूटर से कैसे डिजाईन बनाई जाती है।

वे अपने प्रोडक्ट को सितम्बर 2004 में दुनिया के समाने लाये। शुरू में उन्होने लोकल खेल के सामान की दुकानों में जा-जाकर अपना प्रोडक्ट बेचा। उनका व्यवसाय अब धीरे-धीरे तेजी पकड़ रहा था।

वे बताते हैं कि शुरू-शुरू में वे बहुत डरे हुए थे कि कहीं उनके इस प्रोडक्ट का हाल भी फनबग जैसे न हो जाये। उस समय वे कम्पनी के अकेले इम्प्लाय थे, वे ही चपरासी से लेकर प्रोडक्ट के माॅडल थे। वे कहते थे कि इस बार असफल रहा तो मेरे लिए तो आत्महत्या करने जैसी की नौबत आ जायेगी।

पहले-पहल उन्होंने 35 एम.एम. फिल्म कैमरा बनाया जो कि कलाई में पहना जा सके। इसमें वे लगातार विकास करते रहे। अब तो उनकी कम्पनी ने बहुत ही एडवांस वाईफाई युक्त, रिमोट कन्ट्रोल्ड, वाटरपू्रभ डिजाजन भी बाजार में उतार दिये हैं।

सन् 2012 में 23 लाख कैमरे बेचे जिसकी बिक्री (sales) हर साल बढ़ती जा रही है। उसी साल ताईवान की एक कम्पनी ने उनके लगभग 9 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी जो कि लगभग 200 मिलियन थी जिससे कि कम्पनी की वेल्यू 2.25 बिलियन हो गयी जिससे कि वूडमेन करोड़पतियों की सूची में शामिल हो गये।

सन् 2015 में गोप्रो (GoPro) ने अमेरिकी राष्ट्रीय हाॅकी लीग के साथ साझेदारी की जिसमें कि उनके कैमरोें द्वारा टेलीविजन के दर्शकों को खेल की नई बारीकियों की अनुभूति हो सके।

निकोलस वूडसाइड, केलिफोर्निया में रहते हैं। उनका विवाह जिल आर स्कूली (Jill R. Scully) से हुआ तथा उनके तीन बच्चे हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत hard working और dedication से छोटी सी शुरूआत को विश्व की सबसे बड़ी कम्पनियों में शुमार कर दिया है। उनके लीक से हट कर काम करने के तरीके तथा सफलता प्राप्त करने के प्रति उनके passion के कारण कभी-कभी उन्हें सनकी अरबपति भी कहा जाता है। उन्होने समाज के प्रति आभार जताते हुए अपनी सम्पत्ति का बहुत बड़ा हिस्सा दान-पुण्य में लगाया है।

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2 thoughts on “निकोलस वूडमेन: सर्फिंग के जुनून ने खोजकर्ता बनाया

  1. जहाँ चाह वहां राह
    बहुत बढ़िया ब्लॉग है आपका
    कितनी नयी जानकारियां पढने को मिली

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