• जीवन

    जीवन एक प्रतिध्वनि है

    जीवन एक प्रतिध्वनि है – A short moral story दोस्तों, ईश्वर ने हमे प्रकृति का सबसे सुंदर उपहार अर्थात मनुष्य बनाकर भेजा है क्योंकि केवल एक मनुष्य ही है जो अपने विवेक से सही या गलत का निर्णय कर सकता है। इसलिए हमें वो कार्य करने चाहिए जिससे कोई आहत न हो। एक बार की बात है एक शहर में […]

  • हमारे वैज्ञानिक: अन्ना मणि (Anna Mani)

    महान वैज्ञानिक अन्ना मणि (Anna Mani) की सफलता की कहानी पुरुषों और महिलाओं को बराबर प्रेरित करती है। उनके समय लिंग के आधार पर होने वाले भेदभाव का उन्होने सफलतापूर्वक सामना किया। एक इंटरव्यू में उन्होने बताया था कि कैसे छोटी-छोटी गलतियों पर भी महिलाओं को असक्षम सिद्ध करने का पुरूष साथियों द्वारा प्रयास किया जाता था। उन्होने बताया था […]

  • नैन सिंह रावत – जिन्होंने तिब्बत को अपने कदमों ने नापा

    नैन सिंह रावत (Nain Singh Rawat) का जन्म 21 अक्टूबर 1830 में पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी तहसील स्थित उत्तराखंड के सुदूरवर्ती मिलम गांव में हुआ था। उनके पिताजी का नाम अमर सिंह था जिन्हें कि लोग लाटा बुढ्ढा के नाम से भी पुकारते थे। पहाड में लाटा अत्यधिक सीधे इन्सान अथवा भोले लोगों को मजाक में कहते हैं। उनकी प्रारभिक […]

  • Mohd rafi in Hindi

    सुरों के जादूगर-मोहम्मद रफी

    एक युग का संगीत जो उस महान गायक के साथ सिमट गया वो और कोई नहीं, वे थे हर दिल अज़ीज मौहम्मद रफी (Mohd. Rafi)। इनका जन्म 24 दिसम्बर 1924 में कोटला सुल्तानपुर (अब पाकिस्तान में) एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। परिवार का संगीत से दूर-दूर तक कोई नाता नही था। बालक रफी (Mohd. Rafi) जिसे बचपन में […]

  • hero alom

    हीरो अलोम – इच्छाशक्ति की जीत

    हम अपने आसपास कई बार बहुत ही साधारण व्यक्तित्व, आर्थिक रूप से कमजोर, पारिवारिक परेशानी से जूझने वाले और अल्प शिक्षा प्राप्त लोगों को देखते हैं जो कि विपरीत परिस्थितयों के बावजूद अपनी मेहनत, दृढ इच्छाशक्ति से सफलता का मुकाम हासिल करके सबको अचंभित करते है। ऐसे लोग हम सब के लिए प्रेरणा के स्त्रोत होते हैं। यहां हम बात […]

  • हिन्दी के प्रथम डी.लिट्. डा. पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल

    13 दिसम्बर 1901 को लैंसडौन (गढ़वाल) के निकट कौड़िया पट्टी के पाली गांव में पंडित गौरी दत्त बड़थ्वाल के घर पीताम्बर दत्त का जन्म हुआ। पिता जी संस्कृत व ज्योतिष के अच्छे विद्वान थे। अतः उनको साहित्यिक अभिरुचियां विरासत में मिलीं । बालक पीताम्बर दत्त की आरम्भिक शिक्षा-दीक्षा का घर पर ही हुई। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने राजकीय […]