सच्चाई हर जगह चलती है

सच्चाई हर जगह चलती है – Short Hindi stories

देशबन्धु चित्तरंजनदास जब छोटे थे, तब उनके चाचा ने उनसे पूछा-‘तुम बड़े होकर क्या बनना चाहते हो।’

‘मैं चाहे जो बनूं, किन्तु वकीन नहीं बनूंगा’-चित्तरंजन ने उत्तर दिया।

चाचा फिर बोले-‘ऐसा क्यों, भला।’

‘वकालत करने वालों को कदम-कदम पर झूठ बोलना पड़ता है। बेईमानों का साथ देना पड़ता है।’-चित्तरंजन ने कहा।

परन्तु भाग्य की विडम्बना देखिये कि चित्तरंजन दास बड़े होकर वकील हो गये। किन्तु उनकी वकालत दूसरों से भिन्न थी। वे झूठे मुकदमे कभी नहीं लेते थे। वे पारिश्रमिक भी जितनी मेहनत करते उतनी ही लेते। उनकी योग्यता का लाभ दीन-हीन, असहाय एवं देशभक्त ही उठाते। कभी-कभी वे गरीबो की पैरवी वे निःशुक्ल की कर दिया करते थे। जो भी मुकदमा लेते, उसमें पूरी रुचि दिखाते तथा सम्बन्धित व्यक्ति को जिताने का हरसंभव प्रयास करते।

इस प्रकार चित्तरंजनदास ने यह सिद्ध कर दिया कि वकालत जैसा व्यवसाय भी सत्य, न्याय तथा ईमानदारी के साथ सम्पन्न किया जा सकता है।

Also Read : गांधी जी के हनुमान


आपको यह कहानी सच्चाई हर जगह चलती है – Short Hindi stories  कैसी लगी, कृप्या कमेंट बाक्स पर साझा करें।

आपके पास यदि Hindi में कोई short hindi stories  है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ kadamtaal@gmail.com पर E-mail करें. हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ प्रकाशित करेंगे|2016

Random Posts

  • जीवक जीवक कौमारभृत्य – Real Father of Medical Science

    जीवक कौमारभृत्य – Real Father of Medical Science बहुत प्राचीन समय की बात है। मगध में उस समय सम्राट बिंबिसार राज करते थे। मगध की राजधानी राजगृह थी। उनके राज्य में सालवती नामक गणिका का निवास था।। एक दिन वह गर्भवती हो गयी। उसने अपनी इस स्थिति को यथासम्भव गोपनीय बनाये रखा। समय आने पर उसने एक पुत्र को जन्म दिया […]

  • modern education system आधुनिक/वर्तमान शिक्षा पद्धति में भाषा और आचरण

    आधुनिक/वर्तमान शिक्षा पद्धति में भाषा और आचरण Essay on Language and behavior in the modern education system in Hindi आधुनिक / वर्तमान शिक्षा (modern education system) का उद्देश्य तो केवल ऐसी शिक्षा से है जिसमें अधिक से अधिक धन की प्राप्ति हो और उसी के इर्दगिर्द सारी शिक्षा प्रणाली घूमती है। पर आप आज की दशा पर विचार कीजिए। जिस शिक्षा […]

  • डा. पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल | हिन्दी के प्रथम डी.लिट्.

    डा. पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल | हिन्दी के प्रथम डी.लिट्. 13 दिसम्बर 1901 को लैंसडौन (गढ़वाल) के निकट कौड़िया पट्टी के पाली गांव में पंडित गौरी दत्त बड़थ्वाल के घर पीताम्बर दत्त (Pitambar Dutt Barthwal) का जन्म हुआ। पिता जी संस्कृत व ज्योतिष के अच्छे विद्वान थे। अतः उनको साहित्यिक अभिरुचियां विरासत में मिलीं । बालक पीताम्बर दत्त की आरम्भिक शिक्षा-दीक्षा […]

  • failure success हार के बाद जीत है Failure to Success

    हार के बाद जीत है Failure to Success Motivational Stories in Hindi Motivational stories of Great Personalities: जीवन में सफलता मिलती है सकारात्मक सोच और लगातार प्रयास से। जब भी हम-आपको निराशा घेरती है, भविष्य अनिश्चित-सा लगता है, उस समय अपने कार्यक्षेत्र में उन लोगों का जीवन अनुभव, जिन्होंने कड़े संघर्ष के बाद सफलता का स्वाद चखा, हमारे सामने उस […]

2 thoughts on “सच्चाई हर जगह चलती है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*