प्राचीन चीनी साहित्य में रामायण (Ramayana in Ancient Chinese Literature)

Ramayana in Ancient Chinese Literature in Hindi

प्राचीन चीनी साहित्य में राम कथा पर आधारित कोई मौलिक रचना नहीं हैं। ये रचानाऐं चीन में बौध भिक्षुओं द्वारा ले जायी गयी हैं। जिनको कि जातक में परिवर्तित किया गया जिसके अनुसार  भगवान बुद्ध ही पूर्व जन्म में राम हैं।

चीन में रामायण की कथा का प्रवेश तीसरी शताब्दी तक हो गया था। बौद्ध महाधीश खांग शंग हुई (K’ang-seng-hui) ने 251 ई. में डब्ल्यू.यू. (222-280) के शासन-काल में ‘अनामकं जातकम्’ का चीनी भाषा में अनुवाद किया था, जो लिऊ तऊत्व किंग के छठा पारिमिता सूत्र के पांचवें ग्रन्थ में 46वीं कहानी है। यह कहाना वाल्मीकी रामायण के मूल कथानक से बहुत मिलती-जुलती है।

ramanaya in ancient china in hindi

‘अनामकं जातकम्म्’ में किसी पात्र के नाम का उल्लेख नहीं मिलता है। कथा के स्वरुप से ज्ञात होता है कि यह रामायण पर आधारित है, क्योंकि इसमें राम वन गमन, सुग्रीव मैत्री, सेतुबंध, लंका विजय आदि प्रमुख घटनाओं का स्पष्ट संकेत मिलता है। अहिंसा की प्रमुखता के कारण चीनी राम कथाओं पर बौद्ध धर्म का प्रभाव स्पष्ट रुप से परिलक्षित होता है।

इसके बाद वेई वंश(386-534) के 472 ईस्वी में श्रमण चीचिया ने तान याओ के साथ मिलकर दि निदान आफ किंग (The Naidana of King) टेन लक्ज़रीज (Ten Luxuries) जिसको दशरथ जातकम् भी कहते हैं, का चीनी भाषा के अनुवाद किया, जो त्व पाओत्वांग किंग (Tsa-Pao Tsang King) के प्रथम खण्ड की कहानी है।

यह कथा राजा टेन लक्ज़रीज़ (दशरथ) की है, जो बीमार होने पर राजकुमार राम को राजा बनाता है। इसके बाद इसमें कैकेयी की ईष्र्या, राम का भाई लसना (लक्ष्मण) के साथ 12 वर्ष का वनवास, भरत का चरण-पादुकाओं को राजगद्दी पर रख कर शासन तथा अवधि पूर्ण होने पर राम का लौटना और राजा बनना आदि घटनाएँ दी गयी है।

इसके उपरान्त मिंग वंश (1368-1644) के सर्वप्रमुख उपन्यासकार ऊ-चेंग-एन ने दि मंकी हषि ऊची (His-yw-chi) की रचना करी, जिसका दैविक वानर सुन-ऊ-खुंग (Sun-Wu-Kung) चीनी जनता में बहुत लोकप्रिय हुआ। कुछ विद्वानों का मत है कि वानर सुन-ऊ-खुंग ही हनुमान  हैं और उनके प्रभाव में ही इसकी रचना हुई है। इसके उपरान्त चीन के ताई क्षेत्रों में लंकाश (Lankashia) वर्णनात्मक काव्य की रचना हुई, जो दूर-दूर तक प्रचारित हुआ। इसे धार्मिक सभाओं में मठाधीश धार्मिक ग्रन्थ के रूप में पढ़ते थे तथा लोकगायक इसे गा-गाकर लोगों को सुनाते थे। लोगों में लंकाश के नाम पर दो पाण्डुलिपियों-दि ग्रेट लंका (The Great Lanka) तथा दि स्माल लंका (The Small Lanka) प्रसिद्ध है, यद्यपि एक-दो घटनाओं के परिवर्तन के बावजूद दूसरी पाण्डुलिपियाँ पहली का सारांश ही है। इसका मुख्य कथानक रामायण पर आधारित है, पर उसका पूर्णतः अनुवाद भी नहीं है, वह उसका पुनः सृजन है।

खोतान अर्थात पूर्वी तुर्किस्तान में भी राम-कथा प्रचलित थी। श्री एच.डब्ल्यू. बेली ने सात सौ से अधिक पदों की रामायण खोज निकाली है, जो नवीं शताब्दी की है। इस राम-कथा में वशिष्ठ-विश्वामित्र के संघर्ष को परशुराम के पिता के राम के पिता सहस्त्रबाहु के संघर्ष के रूप में प्रस्तुत किया गया है। राम दशरथ के पौत्र और सहस्त्राबाहु के पुत्र बताये गये हैं। राम क्षत्रिय-हन्ता परशुराम का वध करते हैं। सीता रावण की परित्यक्ता कन्या है तथा राम-लक्ष्मण दोनों की पत्नी बतायी गयी है। खोतान में सम्पत्ति की रक्षा के लिये सभी भाईयों का विवाह एक ही स्त्री से किया जाता रहा है, जिसके कारण इसका आरोपण राम-कथा पर हो गया है। रावण का मर्म-स्थल अंगूठा बताया गया है तथा उसका वध नहीं होता। वह बौध हो जाता है तथा सीता लोकापवाद के कारण पाताल-प्रवेश करती है।

Go back to:  विदेशों में राम-कथा Story of Ram in the World in Hindi


आपको यह लेख Ramayana in Ancient Chinese Literature in Hindi कैसा लगा, कृप्या कमेंट बाक्स पर साझा करें। अगर आपके पास विषय से जुडी और कोई जानकारी है तो हमे kadamtaal@gmail.com पर मेल कर सकते है |

आपके पास यदि Hindi में कोई article, story, essay, poem है जो आप हमारे साथ share करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें. हमारी Email Id है: kadamtaal@gmail.com. हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ प्रकाशित करेंगे.

Random Posts

  • letters great personalities महापुरुषों के पत्रों का महत्व

    महापुरुषों के पत्रों का महत्व Importance of the Letters of Great Personalities in Hindi महापुरुषों के पत्र (letters of great personalities) बड़े ही मनोरंजक एवं प्रेरणा (inspirational) देने वाले होते हैं। विश्व में अनेक महान लेखक हुए हैं, जिनके पत्र उनके साहित्य से कम रोचक या महत्वपूर्ण नहीं हैं। जब हम महापुरुषों के तिथिक्रम से संकलित पत्रों को पढ़ने बैठते […]

  • valentine day वेलेंटाइन डे का सच

    वेलेंटाइन डे का सच – True Story of Valentine Day in Hindi प्रेम की अभिव्यक्ति का इस दिवस का इतिहास वास्तव में romantic तो बिल्कुल भी नहीं है। यह कहानी है एक पुजारी की जिन्होंने प्रेम को जिन्दा रखने के लिए अपने प्राणों की आहूति दी। उनके संघर्ष और बलिदान की याद में ही यह दिवस (valentine day) मनाया जाता है। […]

  • red cross society रेड क्रॉस सोसायटी के जनक – हेनरी डूनेंट

    Red Cross Society के जनक – हेनरी डूनेंट in Hindi Henry Dunant (Father of Red Cross Society) का जन्म 8 मई 1828 को जिनेवा, स्वीटजरलेंड में हुआ। उनके माता-पिता बहुत परोपकारी स्वभाव के थे। उनके पिताजी बैंकर थे लेकिन वे हमेशा अनाथ बच्चों को आश्रय प्रदान करने का प्रयास करते थे। हेनरी के घर में अनाथालयों और जेल तथा अस्पतालों की […]

  • failure quotes hindi असफलता पर अनमोल विचार

    असफलता पर अनमोल विचार Failure Quotes in Hindi  हर व्यक्ति को खुले दिल से विफलता  (failure)को स्वीकार करना चाहिए। हम विफलता से ही सीखते हैं। दुनिया के सफलतम लोगों को विफलता जैसे कठिन मार्ग ने ही राह दिखाया है।  कभी भी सफलता को अपने दिमाग पर हावी मत होने दो तथा विफलता को दिल से मत लगाओ। Never let success […]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*