पौराणिक

maharshi dadhichi

महर्षि दधीचि का त्याग

महर्षि दधीचि का त्याग Story of Maharishi Dadhichi in Hindi आजकल आये दिन हमारे कोई-न-कोई सैनिक सीमा पर दुश्मन की गोली से शहीद हो रहे हैं। वे राष्ट्र की रक्षा के लिए बिना कोई खौफ खाये अपना शरीर तक देश के लिए न्योछावर कर रहे हैं। ये सभी सैनिक महर्षि दधीचि के त्याग और समर्पण की परंपरा के वर्तमान रूप […]

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raja shibi ka paropkar

राजा शिवि का परोपकार

राजा शिवि का परोपकार Raja Shibi Ka Paropkar in Hindi पुरुवंशी नरेश शिवि उशीनगर देश के राजा थे। वे बड़े दयालु-परोपकारी शरण में आने वालो की रक्षा करने वाले एक धर्मात्मा राजा थे। इसके यहाँ से कोई पीड़ित, निराश नहीं लौटता था। इनकी सम्पत्ति परोपकार के लिए थी। इनकी भगवान से एकमात्र कामना थी कि मैं दुःख से पीड़ित प्राणियों […]

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Gau Bhatk Raja Dalip in Hindi

गौभक्त राजा दिलीप

गौभक्त राजा दिलीप Gau Bhakt Raja Dalip in Hindi अयोध्या के राजा दिलीप बड़े त्यागी, धर्मात्मा, प्रजा का ध्यान रखने वाले थे। उनके राज्य में प्रजा संतुष्ट और सुखी थी। राजा को प्रौढावस्था तक भी कोई संतान नहीं हुई। अतः एक दिन वे रानी सुदक्षिणा सहित गुरु वसिष्ठ के आश्रम में पहुंचे और उनसे निवेदन किया कि-भगवन्! आप कोई उपाय […]

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raja raghu kautsya

राजा रघु और कौत्स

राजा रघु और कौत्स Story of Raja Raghu and Kautsya अयोध्या नरेश रघु (Raja Raghu) के पिता का दिलीप और माता का  नाम सुदक्षिणा था। इनके प्रताप एवं न्याय के कारण ही इनके पश्चात इक्ष्वाकुवंश रघुवंश के नाम से प्रख्यात हुआ। महाराज रघु ने समस्त भूखण्ड पर एकछत्र राज्य स्थापित कर विश्वजीत यज्ञ किया। उस यज्ञ में उन्होंने अपनी सम्पूर्ण […]

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arjun and sudhanva

राजकुमार सुधन्वा और अर्जुन (Sudhanva and Arjun War)

राजकुमार सुधन्वा और अर्जुन Story of war between Rajkumar Sudhanva and Arjun in Hindi राजकुमार सुधन्वा (Sudhanva) चम्पकपुर के नरेश हंसध्वज का छोटा पुत्र था। वह जितना महान शूरवीर था, उतना ही महान ईश्वर भक्त भी था। महाभारत युद्ध के पश्चात धर्मराज युधिष्ठिर ने अश्वमेघ यज्ञ किया। घोड़े के पीछे अर्जुन के नेतृत्व में सेना विजय-यात्रा कर रही थी। किसी भी राजा का […]

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sati savitri

सती सावित्री (Sati Savitri)

सती सावित्री Story Sati Savitri and Satyavan in Hindi मद्रदेश के राजा अश्वपति धर्मात्मा एवं प्रजापालक थे। उनकी पुत्री का नाम सावित्री था। सावित्री जब सयानी और विवाह योग्य हो गयी तब राजा ने उससे कहा-पुत्री! तू अपने योग्य व स्वयं ढूंढ ले। तेरी सहायता के लिए मेरे वृद्ध मंत्री साथ जायेंगे। सवित्री ने संकोच के साथ पिता की बात […]

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hanuman and shani fight in hindi

हनुमान जी द्वारा शनिदेव को दण्ड

हनुमान जी द्वारा शनिदेव को दण्ड, short story of Hanuman Shanidev Fight and why we devote oil to Shanidev in Hindi एक बार की बात है। शाम होने को थी। शीतल मंद-मंद हवा बह रही थी। हनुमान जी रामसेतु के समीप राम जी के ध्यान में मग्न थे। ध्यानविहीन हनुमान को बाह्य जगत की स्मृति भी न थी। उसी समय […]

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श्रीहनुमान का चातुर्य

श्रीहनुमान का चातुर्य A short story on Sri Hanuman Intelligence in Hindi मित्रों, ऐसी कथा प्रचलित है कि एक समय कपिवर हनुमान जी की प्रशंसा के आनन्द में मग्न श्रीराम ने सीताजी से कहा-‘देवी! लंका विजय में यदि हनुमान का सहयोग न मिलता तो आज भी मैं सीता वियोगी ही बना रहता।’ सीताजी ने कहा-‘आप बार-बार हनुमान की प्रशंसा करते रहते […]

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